तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह आरोप कि तमिलनाडु में हिंदुओं के अधिकार छीने जा रहे हैं, सरासर गलत है और उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यहां एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार सभी धर्मों के लोगों की आस्थाओं का सम्मान करती है और उनके धार्मिक अधिकारों की रक्षा करती है।
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उन्होंने कहा, ‘‘तमिलनाडु जैसे राज्य में गृह मंत्री का यह आरोप कि हिंदुओं के अधिकार छीने जा रहे हैं, सरासर गलत और उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। सच तो यह है कि राज्य में दंगे और विभाजन पैदा करने की मंशा रखने वालों की मानसिकता सफल नहीं हुई है।’’
स्टालिन ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की घटना कभी नहीं होगी और ‘‘हम इसे होने नहीं देंगे।’’
सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने जोर देकर कहा, ‘‘जब तक यह स्टालिन यहां है, ऐसा बिल्कुल नहीं होगा।’’
अमित शाह ने रविवार को तमिलनाडु के पुदुकोट्टई में एक जनसभा के दौरान द्रमुक पर राज्य में हिंदू धर्म और हिंदुओं की भावनाओं को लगातार अपमानित करने का आरोप लगाया था।
केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने हिंदुओं पर हुए ‘अत्याचारों’ को लेकर स्टालिन सरकार की कड़ी आलोचना की।
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उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू पूजा-पाठ के तरीकों का ‘अपमान’ किया जा रहा है और दावा किया कि अयोध्या राम मंदिर भूमि पूजा के दौरान राज्य में ‘अघोषित कर्फ्यू लगा दिया गया था’।
शाह ने कहा, ‘‘उनके (द्रमुक के) वरिष्ठ नेता सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया कहते हैं। हिंदू शोभायात्राओं और विसर्जन (हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों के विसर्जन) पर रोक लगा दी गई है। मैं स्टालिन से कहना चाहता हूं कि आपने हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार करके संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन किया है।
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