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SBI शाखा के गेट पर भवन मालिक ने लगाया ताला:एटा में 38 महीने का 57 लाख किराया बाकी, बोले- नोटिस के बाद भी न किराया बढ़ाया, न खाली किया

एटा जिले के अलीगंज कस्बे में स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की मुख्य शाखा के गेट पर भवन मालिक ने ताला लगा दिया। आरोप है कि बैंक ने पिछले 38 महीनों से किराए का भुगतान नहीं किया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। इस घटना से बैंक के हजारों ग्राहकों के सामने लेनदेन का संकट खड़ा हो गया है। भवन मालिक रमेश चंद्र और उनके परिवार का कहना है कि उन्होंने बैंक अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से किराया भुगतान के लिए अवगत कराया था। इसके बावजूद बैंक की ओर से लगातार टालमटोल की जाती रही। परिवार का कहना है कि जब बार-बार कहने के बाद भी न तो किराए का समाधान हुआ और न ही कोई स्पष्ट जवाब मिला, तब मजबूर होकर बैंक के गेट पर ताला लगाने का फैसला लिया गया। 2008 में हुआ था एग्रीमेंट, 2018 में खत्म हो गई थी अवधि जानकारी के मुताबिक, भवन मालिक रमेश चंद्र पुत्र गिरिराज सिंह, मुन्नी देवी, अनिल कुमार गुप्ता, रचना गुप्ता, आरती गुप्ता और बैंक के बीच वर्ष 2008 में एक किराया समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत बैंक को भवन 10 वर्षों के लिए दिया गया था और 50 हजार रुपए प्रतिमाह किराया तय किया गया था। यह एग्रीमेंट वर्ष 2018 में समाप्त हो गया था। एग्रीमेंट खत्म होने के बाद भी चलती रही शाखा भवन स्वामियों का कहना है कि एग्रीमेंट खत्म होने के बाद भी अगले पांच वर्षों तक शाखा आपसी समझौते के आधार पर उसी भवन में संचालित होती रही। इस दौरान बैंक को कई बार किराया संशोधन और भवन खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि बैंक अधिकारियों को इस संबंध में कानूनी रूप से लिखित नोटिस और मौखिक सूचना दोनों दी गई थीं, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। जनवरी 2023 में बढ़े किराए का प्रस्ताव भवन स्वामियों के अनुसार, जनवरी 2023 में बैंक की ओर से 1 लाख 51 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से किराया बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया था। हालांकि, इस पर कोई नया एग्रीमेंट साइन नहीं हुआ। इसके बाद भी शाखा उसी भवन में चलती रही। भवन मालिकों का कहना है कि उन्होंने बैंक को भवन खाली करने के लिए भी नोटिस दिया था, लेकिन इस पर भी कोई असर नहीं पड़ा। अंतिम नोटिस के बाद गेट पर जड़ा ताला मामले में 16 मार्च को भवन मालिक की ओर से अधिवक्ता अंकित प्रताप सिंह शाक्य के माध्यम से बैंक को अंतिम नोटिस भेजा गया। जब इसके बाद भी कोई जवाब नहीं मिला, तो सुशील कुमार गुप्ता और अन्य साझेदारों ने बैंक के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा कर ताला लगा दिया। इस कार्रवाई के बाद शाखा पर पहुंचे ग्राहक असमंजस की स्थिति में दिखे और कई लोगों को वापस लौटना पड़ा। व्यापारियों और ग्राहकों को हो रही भारी परेशानी शाखा के गेट पर ताला लगने से शहर के व्यापारियों, खाताधारकों और स्थानीय ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा के नकद लेनदेन, जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस और अन्य बैंकिंग कार्य प्रभावित हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विवाद जल्द नहीं सुलझा तो इसका असर बाजार और आम लोगों की आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा। भवन स्वामी बोले- 57 लाख रुपए किराया बकाया भवन स्वामी सुशील कुमार गुप्ता ने बताया कि बैंक और उनके बीच 10 साल का एग्रीमेंट था, जो 2018 में समाप्त हो गया था। इसके बाद करीब पांच वर्षों तक बैंक पुराने तय किराए पर ही भवन में चलता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान लगातार किराया बढ़ाने और भवन खाली कराने की कोशिश की गई, लेकिन बैंक ने न तो किराया बढ़ाया और न ही भवन खाली किया। उनके अनुसार, बैंक पर करीब 57 लाख रुपए किराया बकाया है। बैंक की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार फिलहाल इस पूरे मामले में बैंक प्रबंधन की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शहर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग अब प्रशासनिक हस्तक्षेप का इंतजार कर रहे हैं।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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