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REEL बनाते समय डैम में पलटी नाव, 2 छात्र डूबे:झांसी में बोले- मुझे तैरना आता है, बच जाएंगे, एक का शव मिला; दूसरी की तलाश


                 REEL बनाते समय डैम में पलटी नाव, 2 छात्र डूबे:झांसी में बोले- मुझे तैरना आता है, बच जाएंगे, एक का शव मिला; दूसरी की तलाश

REEL बनाते समय डैम में पलटी नाव, 2 छात्र डूबे:झांसी में बोले- मुझे तैरना आता है, बच जाएंगे, एक का शव मिला; दूसरी की तलाश

झांसी में रविवार शाम रेलवे डैम में नाव पलटने से 4 दोस्त डूब गए। छात्र नाव में बैठकर रील बना रहे थे। जैसे ही सभी डैम के बीचों-बीच पहुंचे, नाव असंतुलित होकर पलट गई। इसके बाद सभी छात्र बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगे। मौके पर मौजूद एक युवक ने तुरंत डैम में छलांग लगा दी और 2 दोस्तों श्रवण और शौर्य को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि वेदांश और आतिफ गहरे पानी में लापता हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब 15 घंटे बाद सोमवार सुबह आतिफ का शव बरामद हुआ। वहीं, वेदांश यादव की तलाश में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। मामला रक्सा के गढ़िया गांव का है। मुझे तैरना आता है, इसका पता नही
डैम में नाव पर बैठे छात्रों का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में वेदांश यादव कहता है कि हम लोग घूमने आए थे। एक नाव मिल गई है, इसे हाईजैक कर लिया है। अब पूरे रेलवे डैम में घूमेंगे। मुझे तैरना आता है, मैं बच जाऊंगा, लेकिन इसका (शौर्य) पता नहीं। अब पढ़िए पूरा मामला… चारों माउंट लिट्रा जी स्कूल में पढ़ते थे
प्रेमनगर के महावीरन मोहल्ला निवासी श्रवण तिवारी (19), लहर गिर्द निवासी शौर्य (18), प्रेमगंज निवासी वेदांश यादव (18) और नगरा निवासी आतिफ मंसूरी (19) माउंट लिट्रा जी स्कूल में 11वीं कक्षा के छात्र थे। परीक्षाएं खत्म होने के बाद रविवार को चारों ट्यूशन जाने के बहाने घर से निकले थे। चारों दोस्त ट्यूशन न जाकर बाइक से गढ़िया गांव के रेलवे डैम पहुंच गए। यहां घूमने के दौरान उन्हें किनारे एक नाव मिल गई। इसके बाद चारों नाव लेकर पानी में उतर गए। शौर्य नाव चलाने लगा, जबकि वेदांश नाव पर खड़े होकर रील बनाने लगे। जैसे ही नाव गहरे पानी में पहुंची, अचानक संतुलन बिगड़ने से नाव पलट गई। बकरी चरा रहे युवक ने दो दोस्तों को बचाया
डैम के पास कल्लू केवट बकरियां चरा रहा था। जैसे ही उसने चारों दोस्तों को डूबते देखा, वह तुरंत नाव लेकर डैम में उतर गया। कल्लू ने श्रवण और शौर्य को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन वेदांश और आतिफ गहरे पानी में डूब गए और लापता हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस और परिजनों को सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन अंधेरा होने पर रविवार शाम को तलाश अभियान रोकना पड़ा। आतिफ मंसूरी का शव बरामद हुआ
सोमवार सुबह दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। स्थानीय गोताखोरों की मदद से सुबह करीब 9 बजे आतिफ मंसूरी का शव बरामद कर लिया गया। वेदांश यादव का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। जहां छात्र डूबे थे, वहां डैम में लगभग 30 फीट गहराई बताई जा रही है। दोपहर करीब 12:30 बजे जालौन से एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई और तलाश अभियान तेज कर दिया। घटना के बाद परिजन रोते-बिलखते हुए मौके पर पहुंच गए। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। मौके पर एसडीएम गोपेश तिवारी समेत पुलिस अधिकारी मौजूद हैं और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
दोनों अपने माता-पिता के इकलौते बेटे आतिफ मंसूरी अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता शहजाद रेलवे में ठेके पर काम करते हैं। वहीं, वेदांश यादव भी इकलौता बेटा है। उससे बड़ी एक बहन कशिश बीटीसी कर रही है। वेदांश के पिता विश्ववीर यादव कृषि विभाग में बाबू थे। 2008 में सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी, तब वेदांश गर्भ में था। इसके बाद पत्नी रंजनी यादव को नौकरी मिल गई थी। रजनी कृषि विभाग में भू संरक्षण में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। एसडीएम बोले- सर्च ऑपरेशन जारी
एसडीएम गोपेश तिवारी ने कहा- चार बच्चे रेलवे डैम में डूब गए थे। ग्रामीणों के सहयोग से दो को सुरक्षित बचा लिया गया था। आज एक बच्चे का शव बरामद हो गया है, जबकि दूसरे बच्चे की तलाश की जा रही है। एसडीआरएफ की टीम को बुला लिया गया है और सर्च ऑपरेशन जारी है। ————————- ये खबर भी पढ़िए… AK-47 को खिलौना बताने वाला इंस्पेक्टर सस्पेंड:हैंडग्रेनेड को परफ्यूम बोतल बताई; बिजनौर में संदिग्ध आतंकी को दी थी क्लीनचिट
दुबई में रहने वाले यूपी के संदिग्ध आतंकी आकिब खान के AK-47 को खिलौना बताने के मामले में बिजनौर के इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह मलिक को सस्पेंड कर दिया गया है। सीओ नितेश प्रताप सिंह को भी हटाकर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। दरअसल, बिजनौर के मैजुल का छह महीने पहले एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह मेरठ के आकिब के साथ नजर आया था। मामले की जांच बिजनौर के तत्कालीन थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह मलिक को सौंपी गई थी। जांच के दौरान उन्होंने आकिब और मैजुल से बातचीत की। पूरी खबर पढ़िए…


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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