दिल्ली की एक अदालत ने लाल किला विस्फोट मामले में गिरफ्तार तीन डॉक्टरों और एक मौलवी को शनिवार को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
सभी चार आरोपियों – मुजम्मिल गनई, अदील राठेर और शाहीना सईद के साथ-साथ मौलवी इरफान अहमद वागय को प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने चारों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अब तक, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा भंडाफोड़ किए गए एक ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हैं।
एनआईए ने एक बयान में कहा, ‘‘एजेंसी आत्मघाती बम विस्फोट के सिलसिले में विभिन्न सुरागों की तलाश जारी रखे हुए है तथा इस बर्बर हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और उनका पता लगाने के लिए संबंधित पुलिस बलों के साथ समन्वय में विभिन्न राज्यों में तलाशी अभियान चला रही है।’’
दस नवंबर को लाल किले के बाहर विस्फोटकों से लदी आई20 कार में विस्फोट हुआ था, जिसे डॉ. उमर-उन-नबी चला रहा था।
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