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PWD विभाग बजट का 85% ही खर्च कर सका:3,235 पुलों का निर्माण किया, 50 किमी लंबी मॉडल सड़कें भी बनाई

उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 85% ही बजट खर्च कर पाया। विभाग को वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए 36 हजार 293 करोड़ 95 लाख का बजट मिला था। विभाग ने इसकी तुलना में 30 हजार 581 करोड़ करोड़ 98 लाख रुपए खर्च किए। विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में सबसे अधिक 3,235 पुलों का निर्माण किया है। ‘सेतु बंधन’ योजना के तहत 10 बड़े पुलों का निर्माण पर अकेले 1,111 करोड़ रुपए खर्च किए। विभाग ने इस बार 50 किमी लंबी मॉडल सड़कें भी बनाई। पिछले साल की तुलना में 5 हजार करोड़ अधिक खर्च पीडब्ल्यूडी विभाग ने सरकार द्वारा तय किए गए 28 हजार करोड़ के लक्ष्य को भी पार कर लिया। 28,087 करोड़ का व्यय कर ओवर अचीवमेंट हासिल किया। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में जहां विभाग ने 23,850 करोड़ का व्यय किया था। पीडब्ल्यूडी विभाग सीएम के अधीन है। उन्होंने विभाग के कार्यां की लगातार मॉनीटरिंग की। अधिकारियों को वित्तीय खर्च की सीमा बढ़ाई। हर योजना की समीक्षा और सतत निगरानी के चलते विभाग ने ये लक्ष्य हासिल किया। विभाग ने प्रमुख सचिव अजय चौहान और प्रमुख अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने पिछले दो महीनों से लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बजट खर्च की मॉनिटरिंग की। इससे न सिर्फ विकास कार्यों में तेजी आई और समय पर पैसे का सदुपयोग हुआ। पुल निर्माण पर सबसे अधिक खर्च किया विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3,235 पुलों के निर्माण, पुनर्निर्माण, सुदृढ़ीकरण और विकास का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा था। इनमें NABARD, राज्य योजना ग्रामीण) और राज्य योजना (शहरी) स्कीम के तहत काम शामिल हैं। ये पुल मुख्य रूप से घनी आबादी वाले इलाकों में बनाए जा रहे हैं, ताकि गांव से शहर तक यातायात सुगम हो सके। इसके अलावा ‘सेतु बंधन’ योजना के तहत 10 बड़े पुलों के निर्माण पर 1,111 करोड़ की लागत से काम चल रहा है। इन पुलों से यातायात की भीड़ कम होने और कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। देवीपाटन मंडल में 18 नए छोटे पुलों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। सड़क विकास और अन्य कार्य विभाग ने 50 किमी लंबी मॉडल सड़कों का निर्माण किया है, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रोड सेफ्टी ऑडिट और चौड़ीकरण के साथ बनाई गईं। इन सड़कों पर आधुनिक सुविधाएं और सुरक्षा मानक लागू किए गए हैं। विभाग ने विधायकों के प्रस्तावों पर कई विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत, डबल डिवाइडर वाली सड़कें और नए निर्माण कार्य किए हैं। औद्योगिक पार्कों को जोड़ने के लिए 33 सड़कों के चौड़ीकरण पर 1,253 करोड़ रुपए खर्च किए गए। जबकि विभाग ने हमीरपुर–राठ, गोला–शाहजहांपुर जैसे कई स्टेट हाइवे की मरम्मत की। 2026-27 में 36000 करोड़ का बजट होगा खर्च विभाग ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए 36,000 करोड़ के बजट जारी किए हैं। इसमें विधायकों के अधूरे प्रस्तावों को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही 6 नए हाईवे और सड़क-पुल कार्य शामिल हैं। ये योजनाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘गांव से शहर तक बेहतर कनेक्टिविटी’ के विजन पर आधारित हैं।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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