प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ उत्तर प्रदेश ने EMRS (एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल) भर्ती परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। टीम ने लखनऊ के विकासनगर स्थित परीक्षा केंद्र से गैंग सरगना समेत 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, 22 से 25 मार्च 2026 तक आयोजित टियर-2 जूनियर सेक्रेटरिएट असिस्टेंट परीक्षा को नकलविहीन कराने के निर्देश पर एसटीएफ की टीमें सक्रिय थीं। पुलिस उपाधीक्षक विमल कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में टीम को सूचना मिली कि झांसी, जालौन और आसपास के जिलों में सक्रिय एक गिरोह फर्जी तरीके से PWD (दिव्यांग) कोटे का लाभ दिलाकर परीक्षा में धांधली करा रहा है। सूचना के आधार पर एसटीएफ ने विकासनगर स्थित सेंट्रल एकेडमी परीक्षा केंद्र पर छापा मारा। यहां से 8 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद एक अन्य आरोपी को गोरखपुर से लाकर कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया। ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा
गिरफ्तार गैंग सरगना मनीष ने पूछताछ में बताया कि गिरोह बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। इसके बाद दलालों की मदद से फर्जी PWD प्रमाण पत्र बनवाए जाते थे। परीक्षा में इन अभ्यर्थियों के लिए प्रोफेशनल सॉल्वर को ‘स्क्राइब’ बनाकर बैठाया जाता था, जो पूरा पेपर हल करता था। गंभीर धाराओं में केस दर्ज
इस मामले में विकासनगर थाने में आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ ही उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की जांच में जुटी है।

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