आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र के सुराई गांव के रहने वाले मोहम्मद कुद्दुस ने पूरे सिस्टम को ठेंगा दिखाते हुए मलेशिया की नागरिकता के बावजूद भी किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ लिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद जिले की लोकल इंटेलिजेंस सक्रिय हुई और मामले की तहकीकात में जुट गई। आरोपी के तीन बेटे हैं जो की आजमगढ़ से लेकर लखनऊ तक रहते हैं। सबसे खास बात यह है कि जिस SIR की प्रक्रिया को लेकर लगातार विपक्ष ने निशाना बनाया। उस प्रक्रिया में आरोपी अपना नाम दर्ज करवाने में सफल रहा। ऐसे में SIR की प्रक्रिया से जुड़े हुए लोकल स्तर के लोगों की लापरवाही खुलकर सामने आई। बिना वास्तविकता जाने प्रधानमंत्री किसान योजना का लाभ आरोपी लेट रहा। इसके साथ ही जिले की मतदाता सूची में 2025-26 में भी आरोपी का नाम अंतिम मतदाता सूची में अंकित रहा। विदेशी नागरिक होने के बाद भी लेट रहा योजनाओं का लाभ
आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र के रहने वाले मोहम्मद कुड्डूस ने जिस तरह से मलेशिया के नागरिक होने के बाद भी जिनका ओसीआई कार्ड भी 2016 में जारी किया गया था। उसके बाद भी जिस तरह से आजमगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेता रहा। ऐसे में निश्चित रूप से सिस्टम की लापरवाही सामने आई है। पूरे प्रदेश का हो सकता है इकलौता ऐसा मामला है। जहां विदेशी नागरिक ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के साथ-साथ SIR की प्रक्रिया में भी अपना नाम दर्ज कराया है। आयुष्मान योजना से भी जुड़ने के मिले संकेत
सूत्रों की माने तो आरोपी ने आयुष्मान योजना का कार्ड भी बनवाया हुआ है और 1 वर्ष पूर्व राजधानी लखनऊ के वेदांता हॉस्पिटल में ऑपरेशन भी कराया था। हालांकि सुरक्षा एजेंसी मामले की छानबीन में जुटी हुई हैं।
सबसे बड़ा सवाल कौन करेगा वेरीफिकेशन
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठता है कि जिस तरह से आरोपी ने 2025 में फिर की प्रक्रिया में अप्लाई किया तो वेरिफिकेशन क्यों नहीं किया गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ देने के बाद जिम्मेदार लोगों ने जमीनी स्तर पर किस तरह की जांच की। अंतिम मतदाता सूची में कैसे नाम प्रकाशित होगा। ऐसे में कई ऐसे सवाल हैं जो पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़े कर रहे हैं।

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