MBA स्टूडेंट नहीं, साइबर फ्रॉड है आयुष:बेटे की हरकत से परेशान पिता ने किया था सुसाइड; कानपुर में किडनी बेचने वाले स्टूडेंट की कहानी
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MBA स्टूडेंट नहीं, साइबर फ्रॉड है आयुष:बेटे की हरकत से परेशान पिता ने किया था सुसाइड; कानपुर में किडनी बेचने वाले स्टूडेंट की कहानी
‘आयुष… वो तो फ्रॉड है। वो न तो MBA का स्टूडेंट है, न गरीबी के कारण उसने अपनी जमीन गिरवी रखी है। खबरों में जो कुछ आयुष के हवाले से कहा जा रहा है, वो बिल्कुल झूठ है। आयुष साइबर फ्रॉड है, उसके बैंक अकाउंट से बड़े पैमाने पर हवाला कारोबार हुआ है। कल यानी शुक्रवार को गुजरात पुलिस ने उसे नोटिस जारी किया है।’ बेगूसराय के भगवानपुर के औगान गांव के रहने वाले आयुष के चचेरे चाचा और उसके पड़ोसी रमेश चौधरी ने ये बातें बताईं। दरअसल, खबर आई थी कि कानपुर में पैसों के लालच में आयुष ने अपनी किडनी बेच दी है। हालांकि, जब उसके गांव में आयुष के बारे में बातचीत की गई तो कहानी कुछ और निकली। आयुष को लेकर उसके चचेरे चाचा, गांव के लोगों ने क्या बताया? आयुष की पूरी कहानी क्या है? आयुष को गुजरात साइबर सेल की ओर से नोटिस भेजे जाने का मामला क्या है? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले आयुष चौधरी की 2 तस्वीरें देखिए सबसे पहले आयुष के बारे में जानिए औगान गांव के रहने वाले राजेश चौधरी का बड़ा बेटा आयुष चौधरी है। साल 2015 में आयुष ने फर्स्ट डिवीजन से इंटर पास की तो राजेश चौधरी ने उससे कहा कि बेटा तुम्हें आगे पढ़ाई-लिखाई करके डॉक्टर बनना है। इसके बाद राजेश चौधरी ने आयुष का एडमिशन विशाखापट्टनम के चैतन्य इंस्टीट्यूट में करा दिया। राजेश चौधरी को उस समय लगा था कि बेटा विशाखापट्टनम में NEET की परीक्षा पास कर लेगा। लेकिन वहां आयुष को मटिहानी क्षेत्र की रहने वाली एक लड़की से प्यार हो गया। लड़की आयुष के साथ ही पढ़ाई करती थी। आयुष के पड़ोसी रमेश चौधरी ने बताया कि प्यार के चक्कर में आयुष का ध्यान भटक गया और वो पढ़ाई के बजाए कुछ और ही करने लगा। हर महीने गांव आ जाता था। गांव में लड़कों के साथ इधर-उधर घूमता था। जो लड़के आयुष के साथ घूमते थे, वो नशा करते थे। इनके साथ रहने के कारण आयुष को नशे की भी लत लग गई। नशे की लत की सूचना मटिहानी की लड़की को मिली तो उसने आयुष का साथ छोड़ दिया। बेटे की हरकतों से परेशान पिता ने कर ली आत्महत्या रमेश चौधरी ने कहते हैं कि आयुष की गलत संगत और नशे की लत से परेशान होकर साल 2017 में उसके पिता राजेश चौधरी ने आत्महत्या कर ली। इसके बाद आयुष को रोकने-टोकने वाला कोई नहीं था। आयुष की मां रीता देवी उसे समझाती थी, लेकिन वो अपनी मां की बातों को नजरअंदाज कर देता था। पिता की मौत के दो-तीन महीने बाद उसने जमीन बेचनी शुरू कर दी। जमीन बेचकर उसने दोस्तों पर खर्च किया। इस दौरान वो बाहर भी जाता था तो लोगों से कहता था देहरादून के एक इंस्टीट्यूट में एडमिशन कराया है। लेकिन वो झूठ बोलता था। आयुष ने अपने दोस्तों के चक्कर में न केवल गांव की 18 बीघा जमीन बेच दी, बल्कि घर वाला जमीन भी बेच दिया। स्थिति यह हो गई कि साल 2021 से वह गांव नहीं आया है। गांव में उसकी विधवा मां रीता देवी कैसे खा रही है, कैसे रह रही है। इससे उसको कोई मतलब नहीं है। सोशल मीडिया के जरिए यूपी की एयर होस्टेस से हुआ प्यार आयुष के चचेरे चाचा कहते हैं कि पिता की सुसाइड के बाद आयुष को सोशल मीडिया के जरिए यूपी की रहने वाली एक एयर होस्टेस से प्यार हुआ था। गांव के लोगों की मानें तो आयुष ने एयर होस्टेस पर 5 लाख से अधिक खर्च किए। साल 2018 में एयर होस्टेस को अपने साथ गांव लेकर आया था। गांव में 15-20 दिन एयर होस्टेस के साथ रहा तो लोगों ने शादी करने का दबाव बनाया। इसके बाद आयुष ने एयर होस्टेस प्रेमिका दीपा संग देवघर में शादी की थी। शादी के 3 महीने तक गांव में रहा। इस दौरान आयुष ने फिर से जमीन बेचनी शुरू की। आयुष की इन हरकतों से परेशान प्रेमिका से पत्नी बनी दीपा ने घर छोड़ दिया और कुछ दिनों बाद आयुष से संबंध भी तोड़ लिया। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में आयुष ने अपने खर्चे से गौतम नाम के दोस्त को बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव भी लड़वाया। लेकिन दोस्त के चुनाव हार जाने के बाद फिर आयुष अपनी बची हुई जमीन बेचकर गांव से चला गया। 2021 में वापस गांव आया, लेकिन भाई ने भगा दिया गांव के लोगों के मुताबिक, आयुष साल 2021 में वापस गांव आया। लेकिन उसके छोटे भाई रिषभ ने उसे अपने साथ घर में रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद आयुष घर से निकल गया। इसके बाद आज तक आयुष बेगूसराय नहीं आया। आयुष के चचेरे चाचा ने बताया कि आयुष का छोटा भाई रिषभ अपनी पत्नी के साथ गांव से बाहर ही रहता है। घर में दोनों की मां रीता देवी अकेली रहती है, लेकिन पिछले 15-20 दिनों से वो घर पर नहीं है। घर पर ताला लगा है। आयुष के खिलाफ गुजरात साइबर पुलिस का नोटिस भगवानपुर थाने के SHO नीरज कुमार ठाकुर ने बताया कि गुजरात के सुरेंद्रनगर जिला के साइबर सेल पुलिस की ओर से शुक्रवार को हम लोगों को नोटिस मिला था। नोटिस का तामिला कराने के लिए पुलिस की टीम शनिवार को आयुष के घर पहुंची थी। लेकिन आयुष के घर पर ताला लगा था, जिसके बाद नोटिस को वापस किया जा रहा है। साइबर सेल की ओर से जो नोटिस मिला है, उसमें कहा गया है कि आयुष ने अपने यूको बैंक अकाउंट के जरिए बड़े पैमाने पर साइबर ठगी और हवाला का कारोबार किया है। नोटिस मिलने के बाद 15 दिन के अंदर साइबर सेल ने हाजिर होने का आदेश था।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
