‘अनुपमा’ सीरियल के जरिए घर-घर में पहचान बनाने वाले मशहूर अभिनेता गौरव कपाड़िया (खन्ना) अपने शहर कानपुर पहुंचे। बड़ा चौराहा स्थित क्रिस्टा आईवीएफ फर्टिलिटी सेंटर की तीसरी वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में उन्होंने शिरकत की। इस दौरान गौरव ने मंच से अपनी कामयाबी का श्रेय कानपुर की मिट्टी और यहाँ के ‘नेवर गिव अप’ एटीट्यूड को दिया। कानपुर की यादें,MBA करने गए थे मुंबई, बन गए स्टार गौरव ने भावुक होते हुए कहा, “मैं शुद्ध रूप से कानपुर की पैदाइश हूं। यहीं से पढ़ाई की और फिर एमबीए करने मुंबई चला गया। कानपुर वालों में एक अलग तरह का जुझारूपन और खुद पर अटूट विश्वास होता है। पोडियम पर खड़े होकर मुझे वही अहसास हो रहा है जो हर कानपुरिया के दिल में होता है, कभी हार न मानना। आज जो कुछ भी हूं, बाबा आनंदेश्वर के आशीर्वाद से हूं।” खान-पान का जिक्र, “मलाई-मक्खन से चेहरे पर आ गई चमक” शहर के खान-पान पर चर्चा करते हुए गौरव ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब वह आए थे तब ठंड का मौसम था और उन्होंने मलाई-मक्खन का जमकर लुत्फ उठाया था, लेकिन इस बार पूड़ी-कचौड़ी पर हाथ साफ कर रहे हैं। गौरव बोले, “कानपुर आते ही मेरा वजन बढ़ जाता है। मां को हमेशा लगता है कि बेटा दुबला हो गया है, लेकिन जब कैमरे के सामने जाता हूं तो पता चलता है कि कानपुर का मक्खन चेहरे पर साफ दिख रहा है।” आईवीएफ बना वरदान, सूनी गोद भरने वालों का हुआ सम्मान समारोह के दौरान उन दंपतियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने आईवीएफ तकनीक की मदद से माता-पिता बनने का सुख प्राप्त किया है। गौरव खन्ना ने इन सफल दंपतियों को उपहार भेंट किए। उन्होंने संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसी के जीवन में संतान की खुशी लाना सबसे पवित्र काम है। विशेषज्ञ की राय,आधुनिक तकनीक से संभव हुआ माता-पिता बनना
वरिष्ठ आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. कीर्ति गुप्ता ने बताया कि, आज के दौर में आधुनिक लैब्स और एडवांस मेडिकल साइंस उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण है, जो प्राकृतिक रूप से माता-पिता नहीं बन पा रहे थे। उन्होंने आईवीएफ पद्धति की बारीकियों को साझा करते हुए बताया कि कैसे यह तकनीक निसंतानता की समस्या को दूर कर रही है।
शहर की दिग्गज हस्तियां मौजूद रहीं
इस खास मौके पर रेडक्लिफ के संस्थापक धीरज जैन सहित शहर के कई प्रतिष्ठित डॉक्टर भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सेनानायक बी.बी. चौरसिया ने भी शिरकत की। संस्था की सह-संस्थापक डॉ. नीता जैन डिजिटल माध्यम से जुड़ीं। इस दौरान सेंटर मैनेजर आर्यन पाल, जोनल हेड मोहम्मद मोहताशिम खान और अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।

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