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KGMU- प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोपी डॉक्टर के इंक्रीमेंट पर रोक:दूसरे डॉक्टर को मिली चार्जशीट, कार्यपरिषद की बैठक में कई फैसलों पर मुहर

KGMU में एक विभाग के अध्यक्ष पर प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप सही पाए गए हैं। लिहाजा उनकी दो इंक्रीमेंट पर रोक लगा दी गई है। वहीं दूसरे विभाग के डॉक्टर पर मरीज को बाहर की दवा लिखने के आरोप में चार्ज शीट सौपने का फैसला हुआ है। वहीं अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति के अवकाश व ज्वाइनिंग संबंधी मामले को राजभवन के सुपुर्द करने का फैसला हुआ है। बुधवार को कुलपति डॉ.सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में KGMU कार्यपरिषद की बैठक हुई। बैठक में आधा दर्जन से ज्यादा मामले रखे गए। इसमें प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप में फंसे एक विभाग के अध्यक्ष पर कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। विभागाध्यक्ष पर ठाकुरगंज के निजी अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस करने के गंभीर आरोप लगे थे। मरीज की मौत के बाद तीमारदारों ने विभागाध्यक्ष का वीडियो, पर्चे KGMU को मुहैया कराए थे। शिकायत के आधार पर KGMU प्रशासन ने जांच कराई थी। जांच में प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप सही मिले थे। KGMU कार्यपरिषद ने आरोपी विभागाध्यक्ष के दो इंक्रीमेंट रोकने के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा दी है। दूसरे डॉक्टर को मिली चार्जशीट वहीं, एक अन्य विभाग के डॉक्टर पर मरीज को बाहर की दवा लिखने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। जांच में आरेाप सही मिले हैं। जांच कमेटी की संस्तुति के आधार पर कार्यपरिषद ने आरोपी डॉक्टर को चार्जशीट देने का फैसला सुनाया है। इसी प्रकार अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति के अवकाश संबंधी मामला राजभवन के सुपुर्द करने का फैसला कार्यपरिषद ने सुनाया है। पूर्व कुलपति ने तीन साल की छुट्टी की अनुमति ली थी। इसी दौरान राज्यपाल ने कुलपति का कार्यकाल छह माह और बढ़ा दिया था। लेकिन पूर्व कुलपति ने अवकाश आगे बढ़ाने के लिए नियमानुसार KGMU में अर्जी नहीं दी थी। करीब तीन माह से उनकी ज्वाइनिंग का मसला लटका है।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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