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IPL सटोरिए इस बार गोवा से सजा रहे फील्डिंग:मुरादाबाद के कई सट्टेबाजों का गोवा में डेरा; कुछ ने कॉर्बेट में बुकिंग कराई

आईपीएल के पिछले सीजन में मुरादाबाद पुलिस की कड़ी कार्रवाई से घबराए आईपीएल सटोरियों ने इस बार शहर छोड़कर गोवा और जिम कॉर्बेट में अपने ठिकाने बनाए हैं। पुराने आईपीएल सटोरियों के साथ-साथ इस फील्ड में उतरे कुछ नए खिलाड़ी भी पुलिस की रडार पर हैं। पिछली बार एक सटोरिए के बड़ी रकम हार जाने के बाद इस खेल का भंडाफोड़ हुआ था। जिसके बाद कई बड़े कारोबारी और सियासी लोग इस खेल में पकड़े गए थे। दरअसल पुलिस ने 20 रईसजादों के ग्रुप के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी। पिछले 10 सालों से ये ग्रुप शहर में आईपीएल सट्टे का सिंडिकेट चला रहा था। लेकिन पूरा मामला उस वक्त खुला जब शहर में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर का करीबी दोस्त इस सट्टे में 60 लाख रुपए हार गया। आईपीएल सटोरियों ने इस पर हारी रकम चुकाने का प्रेशर बनाया तो सटोरिए ने पुलिस इंस्पेक्टर से मदद मांगी। इसके बाद इन सभी को ट्रैप करने का प्लान तैयार किया गया। पूरे ऑपरेशन में जहां इंस्पेक्टर का करीबी दोस्त हारी रकम के 60 लाख चुकाने से बच गया, वहीं आईपीएल के सट्टेबाजों को कई महीने तक जेल में रहना पड़ा था। पुलिस की इसी सख्ती से आईपीएल सटोरिए घबराए हुए हैं।
SSP के कड़े रुख से घबराए हैं आईपीएल सट्टेबाज
निचले लेवल पर इस मामले को मैनेज करने की भरसक कोशिशें हुईं लेकिन मुरादाबाद के SSP सतपाल अंतिल के सख्त रुख अपनाने की वजह से रईसजादों को कोई रिलीफ नहीं मिल सकी थी। आईपीएल की सट्टेबाजी करने वाले रईसजादों के इस ग्रुप को कई-कई महीने तक जेल में रहना पड़ा था। एसएसपी ने इस मामले में आने वाले सियासी प्रेशर को भी दरकिनार कर सटोरियों पर क एक्शन लिया था। इस वजह से आईपीएल सटोरियों में दहशत है। सट्टेबाज जानते हैं कि शहर में आईपीएल के मौजूदा सीजन में शहर में रहकर सट्टा चलाना नामुमकिन है, ऐसे में उन्होंने गोवा और जिम कॉर्बेट को ठिकाना बनाया है। एक कारोबारी के गोवा में बने फॉर्म हाउस को ठिकाना बनाया गया है। वहीं से मुरादाबाद के आईपीएल सट्टेबाजों को फोन पर सट्टा खिलाया जाएगा।
लिस ने पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज के पास छापा मारकर पकड़ा था आईपीएल सट्टा मुरादाबाद पुलिस ने 11 अप्रैल 2025 की रात सिविल लाइंस में पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) के गेट के पास स्थित एक फ्लैट पर छापा मारकर आईपीएल में सट्टा करा रहे 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। सुरेंद्र सिंह, कौशल कपूर, विपुल जुयाल, शहजादे सलीम, अभिनव, मनोज, धर्मेंद्र, हेमंत, रोहित गुप्ता शामिल थे। पुलिस ने इन सभी को जेल भेज दिया था। 2 दिन बाद पुलिस ने सट्टे का हिसाब किताब रखने वाले गौर ग्रेसियस निवासी साहिल गुप्ता को भी गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने 20 के खिलाफ लिखी थी FIR, कई नाम विवेचना में बढ़ाए सिविल लाइंस पुलिस ने मुकदमे में 20 लोगों को नामजद किया था। जिनमें से नौ को मौके से गिरफ्तार किया गया। 3 नाम विवेचना में प्रकाश में आने के बाद केस में बढ़ाए गए थे। जिन तीन लोगों के नाम विवेचना में प्रकाश में आने पर बढ़ाए गए थे, उनमें साहिल गुप्ता, गौरव आनंद उर्फ बिन्नी और प्रवीण सिंह शामिल है। प्रवीण सिंह का लाइसेंसी रिवाल्वर छापे के दौरान सुशील चौधरी उर्फ सुरेंद्र के पास से मिला था। इस केस में जो नाम पुलिस रिकॉर्ड पर दर्ज किए गए थे उनमें अमित नागपाल, कमलदीप टंडन, राजदीप टंडन, विशाल डुडेजा, मुकुल गोटेवाला, आशु रस्तोगी, रचित रस्तोगी, सुमित सेठी, टीटू उर्फ दीपक गगनेजा, कमल छावड़ा, विक्की छावड़ा, गौरव आनंद उर्फ बिन्नी और प्रवीण सिंह शामिल थे।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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