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Indore Deaths: Uma Bharti ने अपनी सरकार को घेरा! कहा- यह CM मोहन यादव की परीक्षा की घड़ी

पिछले तीन दिनों में इंदौर में दूषित पानी से 15 लोगों की मौत के बाद, वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने मध्य प्रदेश सरकार पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि कुर्सी पर बैठे लोग शहर को कम से कम पीने का पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में समय पर कार्रवाई करने में विफल रहे, जबकि वे खुद बिसलेरी की बोतलों का आनंद ले रहे हैं। उमा भारती ने इंदौर त्रासदी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं के लिए कड़ी सजा की मांग करते हुए कहा कि ऐसे पाप को केवल स्पष्टीकरण या माफी से माफ नहीं किया जा सकता!
 

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उमा भारती ने एक्स पर लिखा कि साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं। प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीडितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।
पूर्व सीएम ने आगे कहा कि इंदौर दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं। जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड! उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सिर्फ इंदौर के मेयर नहीं, मध्य प्रदेश का शासन एवं प्रशासन, इस महापाप के सभी जिम्मेवार लोग जनता के प्रति अपराध के कटघरे में खड़े हैं।
 

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इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को बताया कि उन्हें शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण फैले दस्त से 15 लोगों की मौत की सूचना मिली है। भागीरथपुरा से लिए गए पेयजल के नमूनों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर इलाके में हैजा फैलने की आशंका के बारे में पूछे जाने पर महापौर ने कहा कि इस मामले में केवल स्वास्थ्य विभाग ही जानकारी दे सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हसनी ने गुरुवार को बताया कि शहर के एक मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि पाइपलाइन में रिसाव के कारण इलाके का पेयजल दूषित हो गया था।


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