ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ाई में अब एक बड़ी उम्मीद सामने आई है। IIT Kanpur के स्टार्टअप ‘डिजीरक्षक’ ने ‘ब्रेक्सवेल’ नाम की पोर्टेबल डिवाइस तैयार की है, जो महज 10-15 मिनट में यह बता देती है कि महिला हाई रिस्क में है या लो रिस्क में। यह डिवाइस मेटल डिटेक्टर जैसी दिखती है और पूरी तरह नॉन-इनवेसिव व रेडिएशन फ्री तकनीक पर आधारित है। यानी जांच के दौरान न कोई दर्द, न खून का सैंपल और न ही शरीर पर कोई दुष्प्रभाव। 90% सेंसिटिविटी, मोबाइल पर तुरंत रिपोर्ट
स्टार्टअप की संस्थापक डॉ. दीपिका सिंह के मुताबिक, इस डिवाइस का ट्रायल प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू अस्पताल में 150 मरीजों पर किया जा चुका है, जिसमें 90% सेंसिटिविटी और करीब 85% एक्यूरेसी सामने आई। डिवाइस को स्मार्टफोन से कनेक्ट कर जांच शुरू करते ही 10-15 मिनट में पूरी रिपोर्ट मोबाइल स्क्रीन पर मिल जाती है। एआई आधारित यह तकनीक मानवीय गलती की संभावना को भी कम करती है। गांव-कस्बों के लिए गेम चेंजर, 24 घंटे तक काम करने की क्षमता
‘मेड इन इंडिया’ यह डिवाइस खास तौर पर ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के लिए वरदान साबित हो सकती है। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इसे आसानी से इस्तेमाल किया जा सकेगा। एक बार चार्ज होने पर 24 घंटे तक चलने वाली यह मशीन उन जगहों पर भी काम करेगी, जहां बिजली की समस्या रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रेस्ट कैंसर में समय रहते पहचान ही सबसे बड़ा हथियार है और यह डिवाइस इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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