मेरठ के IAS प्रकरण में पुलिस को एक सप्ताह बाद भी साक्ष्य का इंतजार है। इस मामले में IAS के परिवार ने कुछ साक्ष्य उपलब्ध कराने का दावा किया था लेकिन सात दिन बाद भी साक्ष्य पुलिस तक नहीं पहुंचे हैं। अफसरों का कहना है कि मामले की जांच जारी है। साक्ष्य के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। तीन तस्वीरें देखें… पहले एक नजर पूरे मामले पर
12 मार्च को मेरठ पुलिस ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर फर्जी IAS अफसर को दबोचे जाने का दावा किया था। जैसे ही प्रेसवार्ता संपन्न हुई, वैसे ही खुलासा हुआ कि जिसे पुलिस फर्जी मानकर चल रही थी, वह 2008 बैच का UPSC पास आउट है और इंडियन पोस्टर सर्विस मिलने के बाद कई राज्यों में तैनात रह चुका है। शांतिभंग की कार्रवाई कर छोड़ा
इस मामले में पूरी रात राहुल कौशिक को थाने में रखा गया। प्रेसवार्ता के बाद कुछ साक्ष्य भी पुलिस के समक्ष पेश किए गए, जिसके बाद हिरासत में लिए गए राहुल कौशिक के विरूद्ध शांतिभंग की कार्रवाई कर पुलिस ने उन्हें परिजनों की सुपुर्दगी में घर भेज दिया। हालांकि इसके बाद राहुल कौशिक ने मोर्चा खोल दिया। प्रेस के समक्ष प्रस्तुत किए साक्ष्य
अगले ही दिन राहुल कौशिक मीडिया के सामने आ गए और खुद से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 में अपने दूसरे ही प्रयास में उन्होंने UPSC में सफलता प्राप्त की। उनकी 728 रैंक आई, जिसके चलते उन्हें इंडियन पोस्टल सर्विस में सेवा का मौका मिला। वर्ष 2017 तक बड़े पद संभाले। इसके बाद एक आरोपों के चलते पहले उन्हें निलंबित और फिर बर्खास्त कर दिया गया। हालांकि बर्खास्तगी के खिलाफ वह स्टे लाने में सफल रहे। पुलिस की जांच पर खड़े किए सवाल
इस मामले के बाद राहुल कौशिक व उनका परिवार पुलिस पर आक्रामक है। राहुल कौशिक का कहना है कि चंद घंटों में सीओ ने उनकी जांच कर ली और अपनी रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर दी। सवाल यह है कि क्या जांच के दौरान उनसे बात नहीं की जानी चाहिए थी? लेकिन खुद की पीठ थपथपाने की जल्दबाजी इतनी रही कि पुलिस उन्हें अपराधी बनाने पर तुल गई। पुलिस ने लगाए थे यह गंभीर आरोप
पुलिस ने भी इस मामले में राहुल कौशिक पर गंभीर आरोप लगाये थे। बताया कि 11 मार्च की रात करीब 10 बजे राहुल द्वारा नशे में धुत होकर फोन किया गया। नंबर ट्रेस कराया तो वह फूलबाग कालोनी का निकला। रात में ही राहुल को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस का यह भी दावा है कि राहुल हमेशा परेशान करते आए हैं। एक जनवरी से 11 मार्च के बीच राहुल ने नशे में धुत होकर डायल 112 पर 65 बार कॉल की। नहीं प्रस्तुत किए गए कोई दस्तावेज
गुरुवार को पुलिस की तरफ से इस मामले में एक प्रेसनोट जारी किया गया। बताया गया कि इस प्रकरण को पूरा एक सप्ताह बीत चुका है लेकिन राहुल कौशिक या उनके परिवार के तरफ से कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। परिवार का कहना था कि उनके पास केंद्र प्रशासनिक अधिकरण का स्टे हैं लेकिन वह स्टे भी दिखाया नहीं गया है।

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