GSVM में 172 जूनियर रेजिडेंट्स का ओरिएंटेशन:प्राचार्य डॉ. संजय काला बोले-मरीजों से संवेदनशीलता ही डॉक्टर की असली डिग्री
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GSVM में 172 जूनियर रेजिडेंट्स का ओरिएंटेशन:प्राचार्य डॉ. संजय काला बोले-मरीजों से संवेदनशीलता ही डॉक्टर की असली डिग्री
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की कमान संभालने के लिए जूनियर रेजिडेंट्स (पीजी छात्र) तैयार हो गए हैं। सोमवार को कॉलेज परिसर में नवप्रवेशित पीजी छात्रों के लिए ‘जूनियर रेजिडेंट ओरिएंटेशन प्रोग्राम’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 172 नए डॉक्टरों ने अपना परिचय दिया और चिकित्सा क्षेत्र की बारीकियों को समझा। मरीजों के साथ व्यवहार ही डॉक्टर की असली पहचान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कार्यक्रम के दौरान नए डॉक्टरों में पेशेवर नैतिकता और अनुशासन का जज्बा भरा। उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर के लिए डिग्री से ज्यादा उसका व्यवहार मायने रखता है। जूनियर रेजिडेंट्स को संस्थान की कार्यप्रणाली समझाते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों के प्रति संवेदनशील रहें। अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करें। उन्होंने इस ओरिएंटेशन प्रोग्राम को नए डॉक्टरों के पेशेवर जीवन की एक मजबूत शुरुआत बताया। नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारी पर जोर कार्यक्रम में डॉ. यशवंत राव ने जूनियर रेजिडेंट्स को मरीजों के साथ किए जाने वाले नैतिक व्यवहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीज और उनके तीमारदारों के साथ संवेदनशीलता से पेश आना चाहिए। चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। डॉ. शालिनी ने नए छात्रों को मेडिकल कॉलेज के गौरवशाली इतिहास और यहां के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराया। 172 नए डॉक्टरों ने दिया परिचय ओरिएंटेशन प्रोग्राम के दौरान कुल 172 नवप्रवेशित पीजी छात्रों ने अपना परिचय साझा किया। डॉ. पारुल ने कॉलेज के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों और उनकी भूमिकाओं के बारे में बताया, ताकि नए छात्रों को काम के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। कार्यक्रम के अंत में डॉ. सीमा द्विवेदी ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नए छात्रों को उनके शैक्षणिक और व्यावसायिक सफर के लिए सही मार्गदर्शन देना है। अनुशासन और कार्यप्रणाली की दी जानकारी
पूरे कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रतिमा वर्मा ने किया। इस दौरान फैकल्टी मेंबर्स ने जूनियर रेजिडेंट्स को कॉलेज के नियमों और कार्य करने के तरीकों के बारे में बताया। नए छात्रों ने भी इस सत्र को काफी उपयोगी बताया और कहा कि इससे उन्हें अस्पताल की व्यवस्थाओं को समझने में मदद मिलेगी। इस मौके पर कॉलेज के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद रहे।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
