दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक परीक्षा मूल्यांकन भवन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। फिलहाल एसी और जनरेटर की स्थापना का कार्य प्रगति पर है, जिसके पूरा होते ही भवन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। कुलपति प्रोफेसर भवन में चार बड़े और सुव्यवस्थित हॉल बनाए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में परीक्षक एक साथ बैठकर आंसर शीट का मूल्यांकन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि विकास समिति की 24 मार्च को आयोजित बैठक में इन हॉलों में एसी, बिजली बैकअप के लिए जेन-सेट की व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की स्थापना के लिए मंजूरी दी गई है। मूल्यांकन प्रक्रिया आसान होगा
कुलपति ने कहा कि सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद साल में दो बार मूल्यांकन काम संपन्न होता है, जिससे पहले सीमित स्थान और संसाधनों के कारण परीक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नया भवन इन समस्याओं का स्थायी समाधान प्रदान करेगा और मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक सुगम और प्रभावी बनाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में प्राचीन इतिहास विभाग के पीछे लगभग 13,000 वर्गफीट क्षेत्रफल में दो मंजिला भवन का बनवाया गया है। लगभग 8.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस भवन का शिलान्यास राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया था, जिसमें 75 प्रतिशत व्यय राज्य सरकार और 25 प्रतिशत विश्वविद्यालय द्वारा वहन किया गया है।

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