छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के कैंपस में विश्व रंगमंच दिवस के मौके पर कला और संवेदनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला। स्वामी हरिदास संगीत एवं नाट्य अकादमी (SHSNA) की ओर से आयोजित इस उत्सव में कलाकारों ने नाटक और संगीत के जरिए सामाजिक सरोकारों को मंच पर उतारा। इस दौरान सबसे बड़ी खुशखबरी उन छात्रों के लिए आई जो एक्टिंग की दुनिया में करियर बनाना चाहते हैं। विश्वविद्यालय जल्द ही थिएटर में बैचलर कोर्स शुरू करने जा रहा है। नाटक ‘हवालात’ ने झकझोरा, सादगी और कड़वे सच का मेल कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सर्वेश्वर दयाल सक्सेना का मशहूर नाटक ‘हवालात’ रहा। विकेश बाजपेयी के निर्देशन में मंचित इस नाटक ने अपनी सादगी और दमदार अभिनय से दर्शकों को बांधे रखा। समाज की विसंगतियों पर तीखा प्रहार करते हुए इस नाटक ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। कलाकारों के संवाद और चेहरे के हाव-भाव ने हॉल में मौजूद हर शख्स की तालियां बटोरीं। गणेश वंदना और कथक से हुई शुरुआत सांस्कृतिक संध्या का आगाज दीप प्रज्वलन और मधुर संगीत के साथ हुआ। अनूप, रचित और आराध्या ने सरस्वती वंदना और संगीतमय प्रस्तुति से माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद मनु सोमानी ने कथक (गणेश वंदना) की ऐसी ऊर्जावान प्रस्तुति दी कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। संगीत और ललित कला विभाग के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम का संचालन आशीष आत्रेय ने किया। करियर की नई राह, शुरू होगा BPA इन थिएटर कोर्स यूनिवर्सिटी के संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि गोरे ने एक बड़ा एलान करते हुए बताया कि आगामी अकादमिक सत्र से विभाग में ‘बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स (BPA) इन थिएटर’ कोर्स शुरू किया जाएगा। यानी अब शहर के युवा डिग्री के साथ प्रोफेशनल तरीके से नाटक और अभिनय की बारीकियां सीख सकेंगे। कानपुर जैसे शहर में एक्टिंग के लिए प्रोफेशनल कोर्स शुरू होना कला प्रेमियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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