छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) अब विज्ञान की दुनिया में एक लंबी छलांग लगाने जा रहा है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज के भौतिकी विभाग ने एम.एससी. (क्वांटम टेक्नोलॉजी) का नया कोर्स तैयार किया है, जिसे शैक्षणिक परिषद ने अपनी हरी झंडी दे दी है। यह फैसला कानपुर के छात्रों के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है, क्योंकि अब उन्हें भविष्य की सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी पढ़ने के लिए बड़े शहरों या विदेशों का रुख नहीं करना पड़ेगा। क्या है क्वांटम टेक्नोलॉजी और क्यों है इसकी चर्चा? आज की दुनिया में जहां साधारण कंप्यूटर फेल हो रहे हैं, वहां क्वांटम कंप्यूटर सेकंडों में काम कर रहे हैं। भारत सरकार के ‘नेशनल क्वांटम मिशन’ के तहत इस फील्ड में विशेषज्ञों की भारी मांग है। इसी को देखते हुए विश्वविद्यालय ने यह 2 साल का कोर्स तैयार किया है। इसमें छात्रों को क्वांटम कंप्यूटिंग, कम्युनिकेशन और सेंसरिंग जैसी जटिल लेकिन रोमांचक चीजें सिखाई जाएंगी। आसान भाषा में कहें तो यह तकनीक आने वाले समय में इंटरनेट और डेटा सुरक्षा का पूरा चेहरा बदल देगी। सिर्फ थ्योरी नहीं, लैब में होगा प्रैक्टिकल काम यह कोर्स सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगा। चार सेमेस्टर के इस प्रोग्राम में छात्रों को आखिरी सेमेस्टर में रिसर्च प्रोजेक्ट और शोध करना अनिवार्य होगा। इससे छात्रों को सीधे इंडस्ट्री और रिसर्च के अनुभवों से जुड़ने का मौका मिलेगा। भौतिकी विभाग के अनुभवी शिक्षक इस कोर्स को संभालेंगे और आने वाले समय में इसके लिए खास ‘क्वांटम सिमुलेशन एवं कंप्यूटिंग लैब’ भी बनाई जाएगी। अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के जरिए छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे मार्केट की जरूरतों के हिसाब से तैयार हो सकें। रक्षा और टेक कंपनियों में मिलेंगे बड़े मौके क्वांटम टेक्नोलॉजी की पढ़ाई के बाद करियर के रास्ते सिर्फ टीचिंग तक सीमित नहीं रहेंगे। इस कोर्स को करने वाले छात्रों के लिए रक्षा संगठनों (DRDO जैसे संस्थान), बड़े रिसर्च सेंटर, हाई-टेक इंडस्ट्री और इंटरनेशनल कंपनियों में नौकरी के बेहतरीन अवसर खुलेंगे। चूंकि यह तकनीक अभी शुरुआती दौर में है, इसलिए इस क्षेत्र में एक्सपर्ट्स की कमी है, जिसका सीधा फायदा इस कोर्स के पहले बैच के छात्रों को मिलेगा। विज्ञान के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की नई पहचान
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है,कि इस कोर्स की शुरुआत से सीएसजेएमयू अब प्रदेश और देश के अग्रणी विज्ञान केंद्रों की सूची में शामिल हो गया है। यह कोर्स न केवल छात्रों को आधुनिक विज्ञान से जोड़ेगा, बल्कि उन्हें उन तकनीकों पर काम करने के काबिल बनाएगा जो भविष्य में पूरी दुनिया को नियंत्रित करेंगी। कानपुर के छात्रों के लिए यह एक सुनहरा मौका है कि वे अपने ही शहर में रहकर दुनिया की सबसे आधुनिक शिक्षा हासिल कर सकें।

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