छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स में चल रही तीन दिवसीय चित्रकला कार्यशाला और प्रदर्शनी का बुधवार को समापन हो गया। इस आयोजन के आखिरी दिन संस्थान ने विद्यार्थियों के करियर को लेकर एक बड़ा कदम उठाया। विश्वविद्यालय और महाराष्ट्र के नमस्ते इंडिया अंतर्राष्ट्रीय कलाकार संघ के बीच एक एमओयू (MoU) साइन किया गया है, जिसके तहत अब यहां के छात्रों को इंटर्नशिप और प्रोफेशनल ट्रेनिंग के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। देशभर के कलाकारों ने सिखाए पेंटिंग के गुर 23 से 25 मार्च तक चली इस कार्यशाला में देश के अलग-अलग कोनों से आए नामचीन कलाकारों ने हिस्सा लिया। केरल की स्वतंत्र कलाकार मिनी सुबोध, इंद्रा चंद्रशेखर, वैशाली मोरे और स्मिता भामरे ने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए। कलाकारों ने कैनवास पर रंगों को उकेरने की नई तकनीकें और बारीकियां सिखाईं। छात्रों ने भी अलग-अलग माध्यमों का उपयोग कर अपनी कलात्मक सोच को प्रदर्शित किया। विशेषज्ञों ने बताया कि आज के दौर में कला केवल शौक नहीं, बल्कि एक पेशेवर करियर के रूप में तेजी से उभर रही है। इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स और नमस्ते इंडिया के बीच समझौता कार्यशाला का मुख्य आकर्षण विश्वविद्यालय और नमस्ते इंडिया अंतर्राष्ट्रीय कलाकार संघ के बीच हुआ समझौता रहा। इस समझौते का सीधा फायदा फाइन आर्ट्स के छात्र-छात्राओं को मिलेगा। अब छात्र इस संघ के माध्यम से देश-विदेश के बड़े प्रोजेक्ट्स और प्रदर्शनियों में इंटर्नशिप कर सकेंगे। इससे उन्हें पढ़ाई के दौरान ही फील्ड का व्यावहारिक अनुभव मिल जाएगा, जो भविष्य में नौकरी और स्वरोजगार के लिए मददगार साबित होगा। कलाकारों को किया गया सम्मानित समापन समारोह के दौरान सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट बांटे गए। बाहर से आए अतिथि कलाकारों को संस्थान की ओर से अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के आयोजक सुधीर एस. सोलंकी ने बताया कि उनकी संस्था लगातार देश के शिक्षण संस्थानों में ऐसे आयोजन करती है ताकि नई पीढ़ी को कला के क्षेत्र में हो रहे बदलावों से जोड़ा जा सके। वहीं, इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स के निदेशक डॉ. मिठाई लाल ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से छात्रों का मानसिक और रचनात्मक विकास होता है। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कई शिक्षक और विशेषज्ञ मौजूद रहे। इनमें प्रो. शुभम शिवा, सहायक प्रोफेसर जे. बी. यादव, डॉ. राज कुमार सिंह, तनीषा वधावन, डॉ. बप्पा माजी, विनय सिंह, डॉ. रणधीर सिंह, डॉ. मंतोष यादव और कीर्ति वर्मा शामिल थे। तीन दिनों तक चले इस आयोजन ने कैंपस को कला के रंगों से सराबोर रखा और छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा मंच दिया।

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