राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को नए विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम की कड़ी आलोचना करते हुए भाजपा पर सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह द्वारा शुरू की गई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना एमजीएनआरईजीए को खत्म करने का आरोप लगाया। डोटासरा ने आरोप लगाया कि अब केंद्र सरकार यह तय करेगी कि भाजपा के सत्ता में रहने वाले क्षेत्रों में ही काम दिया जाएगा।
इसे भी पढ़ें: Badruddin Ajmal का Assam elections पर बड़ा दांव: 35 सीटों पर AIUDF की नजर, Kerala UDF से गठबंधन की चर्चा
एएनआई से बात करते हुए डोटासरा ने कहा कि काम का अधिकार सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ने दिया था। आज भाजपा इसे खत्म कर रही है। वे सिर्फ नाम नहीं बदल रहे हैं; वे सिर्फ महात्मा गांधी का नाम नहीं हटा रहे हैं। बल्कि वे उस कानून को खत्म कर रहे हैं जो काम की गारंटी देता था। अब केंद्र सरकार यह तय करेगी कि काम सिर्फ वहीं दिया जाएगा जहां भाजपा सत्ता में है, जहां भाजपा का विधायक है, और तब भी राज्य सरकार 40% का योगदान देगी।
इससे पहले, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने घोषणा की थी कि पार्टी 5 जनवरी से देशव्यापी ‘एमएनआरईगा बचाओ’ अभियान शुरू करेगी, जिसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमएनआरईगा) को जन आंदोलन का केंद्र बनाया जाएगा। मीडिया से बात करते हुए खर्गे ने कहा कि पार्टी नेताओं ने बैठक में एमएनआरईगा की रक्षा करने और इस योजना को कमजोर करने या इसमें किसी भी तरह का बदलाव करने के प्रयास का विरोध करने की शपथ ली।
इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi की भगवान राम से तुलना, BJP का Congress पर वार, यह करोड़ों हिंदुओं का घोर अपमान
खरगे ने कहा कि बैठक में हमने शपथ ली। हमने एमएनआरईगा योजना को केंद्र में रखते हुए देशव्यापी जन आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी अग्रणी भूमिका निभाते हुए 5 जनवरी से एमएनआरईगा बचाओ अभियान शुरू करेगी। इस योजना के महत्व पर जोर देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एमएनआरईगा केवल एक कल्याणकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि एक संवैधानिक अधिकार है।
https://ift.tt/0C3e5GY
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply