केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) लखनऊ ने जांच के बाद सीजीएसटी के दो अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। झांसी में तैनात दोनों अधीक्षकों पर पद का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
जांच के बाद दर्ज हुआ मामला
सीबीआई एसीबी लखनऊ को दोनों अधिकारियों के खिलाफ शिकायत मिली थी, जिसके बाद 1 जनवरी 2022 से जनवरी 2026 तक की संपत्तियों की विस्तृत जांच की गई। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर दोनों के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
अजय शर्मा पर 3.53 करोड़ की अतिरिक्त संपत्ति का आरोप
झांसी में सीजीएसटी अधीक्षक रहे अजय शर्मा के खिलाफ सीबीआई की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रानू चौधरी की ओर से 23 मार्च को शिकायत दी गई थी। जांच में सामने आया कि अजय शर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निर्धारित अवधि में अपने और परिवार के नाम पर 4.40 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की।
जांच के अनुसार, इस दौरान उनकी कुल वैध आय लगभग 1.10 करोड़ रुपये थी, जबकि खर्च करीब 24.62 लाख रुपये आंका गया। इसके बावजूद उनके पास करीब 3.53 करोड़ रुपये की संपत्ति ऐसी पाई गई, जो उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक है। मामले की जांच अब डिप्टी एसपी सभाजीत चौहान को सौंपी गई है।
अनिल तिवारी के खिलाफ भी 1.10 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति का मामला
इसी तरह झांसी में ही अधीक्षक रहे अनिल कुमार तिवारी के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया गया है। जांच में पाया गया कि उन्होंने 1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2025 के बीच अपने और परिवार के नाम पर करीब 1.45 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की।
इस अवधि में उनकी कुल वैध आय 57.95 लाख रुपये और खर्च करीब 23.04 लाख रुपये पाया गया। इसके बावजूद उनके पास करीब 1.10 करोड़ रुपये की संपत्ति आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाई गई।

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