बीएचयू अस्पताल में कैंसर ग्रसित मरीजों की सर्जरी अब पहले की तुलना में और आसान हो जाएगी। हाइपेक (हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी) विधि से पेट में होने वाले कैंसर से ग्रसित मरीजों की सर्जरी के तुरंत बाद पेट में ही कीमोथेरेपी भी दी जा सकेगी। अब इसके लिए मरीजों को कही और नहीं जाना पड़ेगा। ऑपरेशन थिएटर में ही उनकी कीमोथेरेपी हो जाएगी। मंगलवार को सीएमई में इस विधि से सर्जरी पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। साथ ही सर्जरी का सजीव प्रसारण भी प्रतिभागियों को दिखाया गया। सप्ताह में हो रही 20 से अधिक कैंसर मरीजों की सर्जरी
बीएचयू में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की ओर से चलने वाली ओटी में औसतन हर सप्ताह 20 से ज्यादा मरीजों की सर्जरी होती है। इसमें मुंह के कैसर,पेट के कैंसर, बच्चेदानी के कैंसर सहित अन्य कैंसर वाले मरीज शामिल होते हैं। जहां तक हाइपेक विधि की बात है तो आईएमएस बीएचयू में पिछले दिनों हाइपेक मशीन आई थी। अब हाइपेक विधि से सर्जरी शुरू हो गई है। अब तक करीब छह मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है। इसमें सर्जरी के दौरान ही कीमोथेरेपी की दवाओं को सीधे पेट के अंदर पेरिटोनियम में डाला जाता है। अब मरीजों के इलाज में होगी सहुलियत डॉ. मल्लिका तिवारी के निर्देशन में चली सीएमई में सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के साथ-साथ जनरल सर्जरी आदि विभाग के चिकित्सक भी शामिल रहे उन्होंने बताया कि सर्जरी और कीमोथेरेपी साथ-साथ देने से मरीजों को राहत होगी और कैंसर निवारण में अच्छा कदम होगा। यह शैक्षणिक कार्यक्रम सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, स्त्री रोग ऑन्कोलॉजिस्ट, जनरल सर्जन, सर्जिकल रेजिडेंट और पेरिटोनियल सतह के कैंसर और इाईपेक में विशेष रुचि रखने वाले चिकित्सकों के लिए सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है।

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