प्रयागराज में शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती के अवसर पर सोमवार को ‘भारत न्याय अभियान’ ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति पर किसानों की संक्रमणीय भूमिधरी जमीनों पर कथित जबरन कब्जे और ईरान पर अमेरिकी हमलों का विरोध किया गया। प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित एक मांग पत्र एडीएम सिटी को सौंपा गया। धरना प्रदर्शन की शुरुआत कलेक्ट्रेट परिसर में नीम के पेड़ के नीचे शहीद भगत सिंह और डॉ. लोहिया के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘शहीद भगत सिंह अमर रहें’, ‘भारतीय समाजवाद जिंदाबाद’ और ‘ईरान पर साम्राज्यवादी हमला बंद करो’ जैसे नारों से परिसर गुंजायमान कर दिया। सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ राजनेता मा. नारायण सिंह ने कहा कि आधुनिक दौर में संवाद के बावजूद आम आदमी के अधिकारों पर प्रशासनिक निष्क्रियता हावी है। उन्होंने जोर दिया कि पुरखों की कमाई और अपनी जमीन पर मालिकाना हक बचाना आज एक बड़ी चुनौती बन गया है, जो लोकतंत्र के बजाय कुछ लोगों की मनमानी को दर्शाता है। भारत न्याय अभियान की संयोजक अनु सिंह ने सियासी मूल्यों और प्रशासनिक साख में लगातार गिरावट पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा सत्ता परंपरा और वर्चस्व का समाज बनाने की कोशिश कर रही है, ऐसे में जनांदोलन ही जनता की अंतिम उम्मीद है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चंद्र निगम ने डॉ. लोहिया के सिद्धांतों का स्मरण करते हुए कहा कि लैंगिक, जातीय और भाषाई समानता के बिना आर्थिक समृद्धि अधूरी है। उन्होंने देश के विद्यालयों में मातृभाषा के साथ राष्ट्रीय भाषाओं की शिक्षा अनिवार्य करने की मांग की, ताकि वास्तविक भारतीयता और संघीय ढांचा मजबूत हो सके।

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