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9 साल में मिटा पिछड़ेपन का दंश:रोड कनेक्टिविटी से मजबूत हुई गोरखपुर क्षेत्र की पहचान

योगी सरकार के 9 साल पूरे होने वाले हैं। इन 7 वर्षों में गोरखपुर क्षेत्र की तस्वीर बदल गई। बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के काम हुए। जिससे इस क्षेत्र से पिछड़ेपन का दंश मिट गया। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण कायाकल्प रोड कनेक्टिविटी का हुआ है। एक लंबे दौर तक जिस क्षेत्र की पहचान बदहाल और टूटी सड़कों से थी, अब वह शानदार रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जाता है। 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद 9 साल में सुदृढ़ हुए रोड इंफ्रास्ट्रक्चर ने समग्र विकास में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया है। बेहतरीन रोड कनेक्टिविटी ने गोरखपुर को नजीर पेश करने वाले शहरों की कतार में खड़ा कर दिया है। योगी सरकार के 9 सालों में गोरखपुर में 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 1500 किमी की लंबाई में प्रमुख सड़कों का निर्माण हुआ है। जबकि 2017 के पहले के पांच साल में 325 करोड़ रुपये से 450 किमी की लंबाई में सड़कों का निर्माण हुआ था। 2017 के पूर्व तक खराब रोड कनेक्टिविटी के कारण जीवन को सुगमता के साथ ही उद्योग और व्यापार पर बुरा असर पड़ता था। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने सबसे अधिक ध्यान रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट पर दिया। इसका नतीजा है कि गोरखपुर शहर के बाहरी हिस्से की सभी सड़कें और शहर के अंदर भी प्रमुख मार्ग फोरलेन हो चुके हैं। सड़कों के साथ चौराहों का भी चौड़ीकरण हुआ। इससे आवगमन सुगमता तो बढ़ी ही, अन्य क्षेत्रों के लोगों का भी गोरखपुर के प्रति रुझान बढ़ा। वर्तमान में गोरखपुर से लखनऊ, वाराणसी, बिहार, नेपाल, देवरिया, कुशीनगर तक जाने के लिए फोरलेन की कनेक्टिविटी है। इससे आवासीय आवश्यकताओं की मांग में इजाफा होने के साथ औद्योगिक निवेश की बयार लगातार बह रही है। गेम चेंजर साबित हो रहा लिंक एक्सप्रेसवे
अपने कार्यकाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर को 91 किमी लंबे लिंक एक्सप्रेसवे की भी सौगात दी है। 7283 करोड़ रुपये की लागत से बना यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से आजमगढ़ के बीच चार जिलों से गुजरता है लेकिन इसकी कनेक्टिविटी से राजधानी लखनऊ की राह भी और आसान हो रही है। सीएम योगी के कार्यकाल के 9वें साल पूर्ण हुईं रोड कनेक्टिविटी की प्रमुख परियोजनाएं
-धर्मशाला से गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर नया गोरखनाथ ओवरब्रिज (लागत 137.83 करोड़ रुपये)
-बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज (लागत 152.19 करोड़ रुपये)
-खजांची चौराहा फ्लाईओवर (लागत 96.50 करोड़ रुपये)
-रामगढ़ताल नौकायन से देवरिया बाईपास तक फोरलेन में चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण (लागत 67.35 करोड़)
-बालापार टिकरिया मार्ग स्थित रेल समपार पर ओवरब्रिज (लागत 84.87 करोड़ रुपये) गोरखपुर में रोड कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की जारी प्रमुख परियोजनाएं
-जंगल कौड़िया-सोनौली फोरलेन मार्ग (लागत 2555.50 करोड़ रुपये)
-टीपीनगर से पैडलेगंज तक सिक्सलेन फ्लाईओवर (लागत 429.49 करोड़ रुपये)
-नौसढ़ से पैडलेगंज सिक्सलेन मार्ग (लागत 297.29 करोड़ रुपये)
-भटहट से बासस्थान मार्ग के फोरलेन में चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण (लागत 689.35 करोड़ रुपये)
-देवरिया बाईपास का फोरलेन में चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण (लागत 399.24 करोड़ रुपये)
-जिला जेल बाईपास मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण (लागत 369.04 करोड़ रुपये)
-पैडलेगंज से फिराक गोरखपुरी चौक होते हुए बेतियाहाता चौराहे तक फोरलन(लागत 277.78 करोड़ रुपये)
-पिपराइच-गोरखपुर मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण (लागत 942.44 करोड़)
-चारफाटक-असुरन मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण (लागत 278.89 करोड़)
-बालापार-टिकरिया-गांगी बाजार मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण (लागत 838.05 करोड़ रुपये)
-एचएन सिंह चौराहे से हड़हवा फाटक होते हुए गोरखनाथ मंदिर मार्ग तक टूलेन/फोरलेन (लागत 245.44 करोड़ रुपये)
-हड़हवा फाटक समपार संख्या 2 स्पेशल पर फोरलेन फ्लाईओवर (लागत 201.24 करोड़ रुपये)
-लखनऊ-गोरखपुर मार्ग पर अतिरिक्त दो लेन (अप स्ट्रीम) का राप्ती नदी पर पुल (लागत 104 करोड़)
-लखनऊ-गोरखपुर मार्ग अतिरिक्त दो लेन (डाउन स्ट्रीम) का राप्ती नदी पर पुल (लागत 118 करोड़)
-चौरीचौरा-भोपा बाजार में समपार संख्या 147बी पर रेल ओवरब्रिज, (लागत 49.22 करोड़ रुपये)

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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