सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज विकास खंड की ग्राम पंचायत मारकुंडी के ग्राम प्रधान उधम सिंह यादव ने जिलाधिकारी और अन्य उच्चाधिकारियों से शिकायत की है। यह शिकायत मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आठ पात्र आदिवासी युवतियों की शादी टालने से संबंधित है, जबकि उनके ऑनलाइन आवेदन स्वीकृत हो चुके थे। इन आठ युवतियों का सामूहिक विवाह 23 मार्च 2026 को डायट परिसर, उरमौरा, रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र में प्रस्तावित था। 20 मार्च 2026 को खंड विकास अधिकारी कार्यालय से संबद्ध अधिकारियों ने सत्यापन की कार्यवाही पूरी की थी। लाभार्थियों को 23 मार्च 2026 को सामूहिक विवाह के प्रस्तावित स्थल पर समय पर उपस्थित होने का निर्देश भी दिया गया था। इस निर्देश के बाद, इन युवतियों के परिजनों और रिश्तेदारों ने हिंदू धर्म के अनुसार धार्मिक और मांगलिक कार्यक्रम शुरू कर दिए थे। घरों में हल्दी और मेहंदी के कार्यक्रम भी प्रारंभ हो गए थे। हालांकि, 21 मार्च 2026 को खंड विकास अधिकारी, रॉबर्ट्सगंज से संबद्ध अधिकारी ने ग्राम प्रधान को सूचित किया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लक्ष्य पूरा हो जाने के कारण उनके ग्राम पंचायत के लाभार्थियों को इस योजना से वंचित किया जा रहा है। इसके बाद, ग्राम प्रधान ने 22 मार्च 2026 को बीडीओ रॉबर्ट्सगंज से दूरभाष पर बात की, जिस पर उन्हें वही बात दोहराई गई। बीडीओ ने बताया कि उरमौरा में प्रस्तावित सामूहिक विवाह के लिए लक्ष्य प्राप्त हो चुका है, इसलिए आठों लाभार्थियों को इससे वंचित किया जा रहा है। ग्राम प्रधान ने अधिकारियों से कहा कि सभी लाभार्थियों द्वारा स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार धार्मिक और मांगलिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। ऐसे में यदि उन्हें इस योजना से वंचित किया जाता है, तो यह संबंधित लाभार्थियों के लिए एक समस्या होगी और उन्हें शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। ग्राम प्रधान उधम सिंह यादव ने जिलाधिकारी समेत उच्चाधिकारीगण को पत्र सौंपकर इन आदिवासी कन्याओं का अतिशीघ्र विवाह कराने का अनुरोध किया है। इस पूरे मामले में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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