हापुड़ में फर्जी फर्म के जरिए करीब 20 करोड़ रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हड़पने के मामले में आरोपी शाहिद को गिरफ्तार किया है। आरोपी सिर्फ 8वीं तक पढ़ा है। फिलहाल टैक्सी चलाता है। लेकिन किताबों की खरीद-फरोख्त के नाम पर फर्जी बिल काटकर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी कर रहा था। मामला नगर कोतवाली का है। राज्य कर विभाग खंड-एक के सहायक आयुक्त जितेंद्र कुमार ने 12 जुलाई को नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि 2 मई 2023 को उमेरुल निशा के नाम पर निशा इंटरप्राइजेज फर्म का पंजीकरण कराया गया था। दस्तावेज सही मिलने पर विभाग ने फर्म को रजिस्ट्रेशन दे दिया। जांच में फर्म अस्तित्वहीन हालांकि 12 जुलाई 2024 को स्थलीय जांच में फर्म अस्तित्वहीन पाई गई। इसके बाद नोटिस जारी कर लगभग 5.37 करोड़ रुपये की ITC ब्लॉक कर दी गई और 25 जुलाई 2024 को फर्म का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि बिना किसी वास्तविक खरीद-फरोख्त के, केवल कागजों पर कारोबार दिखाकर वित्तीय वर्ष 2023-24 में करीब 15.08 करोड़ रुपये की ITC हड़प ली गई। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 5 करोड़ रुपए की ITC और ट्रांसफर की गई। इस मामले में विभाग ने तत्कालीन सीटीओ सरिता रानी, सहायक आयुक्त अभय पटेल और सहायक आयुक्त जितेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति शाहिद निवासी गढ़मुक्तेश्वर को गिरफ्तार किया है। कोतवाली प्रभारी विनोद पांडेय ने बताया- फर्जी फर्म बनाकर ITC हड़पने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। मामले की गहन जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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