प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। एयरपोर्ट से 20 अप्रैल के बाद उड़ान शुरू करने की तैयारी है। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यहां से सालाना 1.20 करोड़ यात्री उड़ान भर सकेंगे। जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सात हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इस दौरान पीएम का चार स्तर का सुरक्षा घेरा होगा। एसपीजी बिना पहचान पत्र के किसी को अंदर नहीं जाने देगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री के लिए हेलीपेड से लेकर कार्यक्रम स्थल और एयरपोर्ट के उद्घाटन स्थल तक अलग-अलग चरणों में फोर्स को तैनात रहेगी। प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था के चार लेयर होंगे। पहली लेयर में एसपीजी कमांडो होंगे। दूसरी लेयर में आरएएफ, पुलिस अधिकारी और अर्धसैनिक बल शामिल होंगे। तीसरी लेयर पीएसी की होगी। चौथी लेकर पुलिस की होगी। जिसमें करीब 7 हजार पुलिसकर्मी होंगे।
सुरक्षा का मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। देर रात तक चली बैठक के बाद अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले एसपीजी और केंद्रीय एजेंसियां पूरे क्षेत्र में व्यवस्था जांचेंगी। एयरपोर्ट के आसपास की इमारतों पर भी हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। सादी वर्दी में तैनात करेंगे पुलिसकर्मी
कार्यक्रम स्थल और प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले रास्तों और कार्यक्रम स्थल पर कड़ी निगरानी रखने के लिए सात हजार पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ ही 300 हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। जनसभा स्थल पर कुछ पुलिसकर्मी असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादी वर्दी में तैनात किए जाऐंगे। बाहर से बुलाए गए आईपीएस
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अन्य जिलों की पुलिस भी तैनात रहेगी। इसके लिए अन्य जिलों से करीब 10 आईपीएस को बुलाया गया है। अलग-अलग टीम की बात करे तो 7 हजार पुलिस कर्मियों के अलावा 10 पीएसी कंपनी, 2 कंपनी आरएएफ को सुरक्षा घेरे में शामिल किया गया है।
बनाया गया कंट्रोल रूम
निगरानी के लिए पुलिस कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां से कार्यक्रम स्थल पर लगे 300 हाई रिजॉल्यूशन कैमरे से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा नोएडा एक्सप्रेस पर वीवीआईपी मूवमेंट की निगरानी आईएसटीएमएस से की जाएगी। सभी टीम अलर्ट मोड पर रहेंगी। 16 अस्पताल रहेंगे अलर्ट
कार्यक्रम में किसी प्रकार की घटना के लिए तुरंत इंमरजेंसी सेवा मिलेगी। आसपास के निजी और सरकारी को मिलाकर 16 अस्पतालों को अलर्ट मोड में रखा गया है। सभी अस्पतालों में बेड रिजर्व किए गए है। एंबुलेंस और डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ भी अलर्ट मोड पर रहेंगे।

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