श्रावस्ती जनपद की कोतवाली भिनगा पुलिस ने जीएसटी कर चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य अभियुक्त बिकी झा को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से एक लैपटॉप, एक आईफोन और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किया गया है, जिनका उपयोग अपराध में किया गया था। प्रभारी निरीक्षक राज प्रकाश सिंह के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को कर चोरी के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।पुलिस के अनुसार, अभियुक्त ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से फर्जी कंपनियां बनाईं और उनके माध्यम से जीएसटी रिटर्न दाखिल कर सरकार को भारी राजस्व हानि पहुंचाई। इस मामले की शुरुआत 1 अगस्त 2025 को हुई थी, जब राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त प्रदीप कुमार ने सूचना दी कि मनीष कुमार झा द्वारा बिना वास्तविक खरीद के फर्जी बिक्री दिखाकर जीएसटी रिटर्न दाखिल किए जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर कोतवाली भिनगा में मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान बिकी झा का नाम सामने आया। जांच में पाया गया कि अभियुक्त ने “बुधियार इंटरप्राइजेज” नामक अस्तित्वहीन फर्म सहित अन्य फर्जी फर्मों के नाम से जीएसटी पोर्टल पर लॉगिन किया। उसने अप्रैल, मई और जून 2025 के जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल किए। इन फर्जी रिटर्न में लगभग 28.45 करोड़ रुपये की नकली बिक्री दर्शाई गई थी, जिस पर करीब 6.22 करोड़ रुपये का कर देय था। हालांकि, अभियुक्त ने यह कर जमा नहीं किया। इसके बजाय, उसने 1.45 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) दिखाकर कर से समायोजन भी कर लिया। जांच के दौरान, संबंधित ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर का उपयोग अभियुक्त द्वारा किया जाना प्रमाणित हुआ, जिससे उसकी भूमिका स्पष्ट हो गई। पुलिस ने अभियुक्त बिकी झा को 20 मार्च 2026 को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा मामला एक आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा है और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इस कार्रवाई से कर चोरी के मामलों पर अंकुश लगाने की दिशा में पुलिस और कर विभाग को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

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