यूपी कॉलेज में शुक्रवार को गोलियों की तड़तड़ाहट ने एक बार फिर दहशत का सन्नाटा फैला दिया है। छात्र सूर्यकुमार को आरोपी मंजीत ने क्लास रूम के बाहर करीब 50 स्टूडेंट्स के सामने गोली मार दी। छात्र की मौत के बाद साथी रोते बीएचयू ट्रामा सेंटर ले गए जहां डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि कर दी। इसकी सूचना के 1 घंटे बाद मृतक की मां ट्रामा सेंटर पहुंचती है और अपने लड़के की स्थिति को देखकर वह मौके पर ही बेसुध होकर गिर गईं। आसपास के लोगों ने उन्हें संभाला। रोते हुए मां ने कहा कि कॉलेज जाते समय बेटे ने कहा था कि मम्मी जल्द ही तुम्हारी हर समस्या का समाधान कर दूंगा। लेकिन हमें नहीं पता था कि हमारा लड़का चला जाएगा।
अब जानिए मां और बहन ने रोते हुए क्या कहा हालांकि वहां बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद रही मां ने चिल्लाते हुए कहा – यहां खड़े होकर क्या कर रहे हो जिसने हमारे लड़के को मारा है उसे भी उसी तरह मारो हालांकि वहां आसपास खड़े लोगों ने उन्हें सहारा दिया लगभग दो घंटे में वह दो से तीन बार बेहोश हो गई और जैसे ही उनकी आंख खुली तो वह फिर से रोते हुए दिखाई दी। बातचीत में उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उसे चेचक हो गया था इस कारण वह कॉलेज नहीं जा रहा था। सुबह-सुबह प्रिंसिपल का फोन आया था और वह तैयार होकर कॉलेज गया था। युवक अपने घर में सबसे बड़ा था उसकी दो बहने है जो उससे छोटी थी लेकिन एक बहन की शादी हो चुकी है। छोटी बहन ने कहा कि हमारा भाई काफी परेशान था हमने बहुत बार पूछा लेकिन उसने कुछ बताया नहीं इतना कह कर वह भी रोने लगी। मृतक का दोस्त बोला- लगा जैसे बम फटा हो यूपी कॉलेज में छात्र की हत्या के समय मौजूद छात्र ने पुलिस के सामने बयान दिया। उसने बताया कि वह क्लास में था तभी बम फटने जैसी आवाज आई, जिसके बाद वह बाहर निकला। जैसे ही घटनास्थल पर पहुंचा आरोपी छात्र सूर्य प्रताप सिंह पर फायर कर रहा था। मना करने पर उसके ऊपर भी हथियार तान दिया। डर के वजह से वह पीछे हट गया। मौके पर भीड़ देखकर आरोपी भाग गया। इसके बाद घायल छात्र सूर्य प्रताप सिंह को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई। अब जानिए पिता ने क्या कहा पिता ऋषि देव ने कहा- पुलिस उस लड़के का एनकाउंटर करे। उन्होंने बताया हमारे लड़के ने कल हमसे बात किया था कोई दिक्कत नहीं थी। किसी से कोई झगड़े की बात नहीं थी। उन्होंने कहा आज हमें पता चला कि प्रिंसिपल ने किसी बात को लेकर समझौता करने के लिए कॉलेज में बुलाया था। लेकिन हमारे लड़के की हत्या हो जाएगी यह कभी नहीं सोचा था। इतना कहकर वह भी रोने लगे वहां खड़े पुलिस वालों से भी उन्होंने गुहार लगाई कि हमारे लड़के को इंसाफ दिया जाए। अपराध और अफसोस के बीच की धुंध अस्पताल के बाहर बैठे परिजनों की पथराई आंखें सिर्फ एक ही सवाल पूछ रही थी — “आखिर क्या गलती थी उसकी?” क्या वर्चस्व की यह लड़ाई इतनी बड़ी थी कि किसी की जान ले ली जाए। पुलिस अपनी तफ्तीश करेगी, गिरफ्तारियां होंगी और कुछ समय बाद मामला फाइलों में दब जाएगा। लेकिन उस परिवार का क्या, जिसकी दुनिया ही उस एक गोली ने उजाड़ दी? कल तक जिसके हाथ में कलम थी और आंखों में बेहतर कल के सपने, आज उसके घर में मातम है। अब जानिए मृतक छात्र सूर्य प्रताप सिंह जीवन और परिजनों के बारे में 21 साल का सूर्य प्रताप सिंह गाजीपुर जिले का रहने वाला था। कक्षा 8 तक की पढ़ाई उसने गाजीपुर से ही की। फिर कक्षा 9 से यूपी कॉलेज में एडमिशन ले लिया। सूर्य प्रताप सिंह पढ़ने में बहुत होनहार था। UP कॉलेज से ही PCM से 12वीं की परीक्षा फर्स्ट डिवीजन से पास की। फिर यहीं BSC मैथ में एंट्रेंस परीक्षा पास कर एडमिशन लिया। साथी छात्रों ने बताया कि सूर्य प्रताप सिंह बेहद मिलनसार था। वह खुद को पढ़ाई में व्यस्त रखता था। BSC के बाद वह यहीं से MSC मैथ्स से रिसर्च करना चाहता था। एकेडमिक में जाने का उसका सपना था। छात्र सूर्य प्रताप सिंह के पिता ऋषि देव सिंह के पिता एक निजी स्कूल मालिक के ड्राइवर हैं। उनकी मां किरण सिंह उसी स्कूल में सहायिका के रूप में कार्यरत हैं।

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