देवरिया में पेट्रोल-डीजल का संकट अब विकराल रूप लेता जा रहा है। यूपी-बिहार बॉर्डर से शुरू हुई कमी अब जिला मुख्यालय तक पहुंच गई है। पिछले चार दिनों से आधा दर्जन से अधिक पेट्रोल पंपों पर ईंधन पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिससे आम लोगों से लेकर ट्रांसपोर्टरों तक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को हालात और बिगड़ गए, जब शहर के कई प्रमुख पेट्रोल पंपों पर भी पेट्रोल और डीजल समाप्त हो गया। इससे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग एक पंप से दूसरे पंप तक भटकते नजर आए। सीमित आपूर्ति से बढ़ी परेशानी, दो लीटर तक सीमित हुआ पेट्रोल जिला मुख्यालय पर जो कुछ पेट्रोल पंप खुले हैं, वहां भी ईंधन की भारी कमी देखी जा रही है। स्थिति यह है कि पेट्रोल पंप कर्मचारी वाहन चालकों को उनकी जरूरत के अनुसार ईंधन नहीं दे पा रहे हैं। कई स्थानों पर एक से दो लीटर तक ही पेट्रोल दिया जा रहा है। इससे पंपों पर लंबी कतारें लग गई हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। खासकर बाइक सवारों और छोटे वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बॉर्डर क्षेत्र के पंप सूखे, लंबी दूरी तय करने को मजबूर लोग बॉर्डर क्षेत्र के प्रमुख पेट्रोल पंप जैसे लाहिलपार फ्यूल्स, इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप लाहिलपार और बीपीसीएल पेट्रोल पंप लाहिलपार पर पेट्रोल-डीजल पूरी तरह खत्म हो चुका है। इसके अलावा बाबा अमरनाथ पेट्रोलियम और अननया पेट्रोलियम सहित अन्य पंपों पर भी यही स्थिति बनी हुई है। इन पंपों के सूखने से लोगों को कई किलोमीटर दूर जाकर ईंधन भरवाना पड़ रहा है। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिहार सीमा के पास होने के कारण यहां वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है, जिससे मांग ज्यादा और आपूर्ति कम होने से संकट गहरा गया है। यदि समय रहते आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है, जिससे जनजीवन पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है। प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट, जल्द आपूर्ति बहाल करने का दावा इस संबंध में पूर्ति अधिकारी संजय कुमार पांडे ने बताया कि जिले के कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की सूचना मिली है। सभी पंप से रिपोर्ट तलब की गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही ईंधन की आपूर्ति बहाल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Leave a Reply