शहर में नए वित्तीय सत्र यानी आज से शहर में सफाई व्यवस्था और संवरने की उम्मीद है। नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में नगर निगम के 33.59 अरब और जलकल के 4.18 अरब के बजट को मंजूरी दे दी गई। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का बजट 75 लाख से बढ़ाकर 50 करोड़ कर दिया गया है। वहीं, सड़क रखरखाव और रोड कटिंग का बजट 136.90 से बढ़ाकर 226.40 करोड़ कर दिया गया है। बैठक की अध्यक्षता मेयर प्रमिला पांडेय ने की, जिसमें नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय भी मौजूद रहे। डीजल व गैस में 15 करोड़ की कटौती बैठक में मुख्य लेखाधिकारी ने आय और व्यय के बजट का प्रस्ताव रखा। बताया कि डीजल एवं गैस व्यय के मद में 75 करोड़ का बजट पहले था। अब इसमें 15 करोड़ की कटौती करते हुए 60 करोड़ का रखा गया है। पार्षदों के कार्य मद में छह करोड़ अलग से रखे गए हैं। 16 वें वित्त आयोग से 200 करोड़ और पंद्रहवें वित्त आयोग से 312 करोड़ प्रस्तावित किया गया है। अवस्थापना निधि का बजट 160 करोड़ रखा गया है। वर्षा जल निकासी के लिए 31 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। बजट के 8.99 अरब नहीं हो पाए खर्च मेयर प्रमिला पांडेय ने बताया कि नगर निगम का पिछले वित्तीय वर्ष में 28.40 अरब का बजट रखा गया था। जिसमें से 8.99 अरब बजट खर्च नहीं हो पाया है। इसीलिए नए वित्तीय सत्र में बढ़ोतरी करते हुए 33.59 अरब का बजट रखा गया है। जलकल जीएम आनंद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सीवर, पेयजल और मैनहोल के मेंटीनेंस का बजट 10 करोड़ से बजट बढ़ाकर 15 करोड़ कर दिया गया है। वाटर लाइन और ट्यूबवेल के मेंटीनेंस में 4.5 करोड़ से 5.5 करोड़, नई सीवर और वाटर लाइन बिछाने के मद में तीन से बढ़ाकर पांच करोड़ किया गया है। उन्होंने बताया कि केमिकल खर्च 4.40 से बढ़ाकर पांच करोड़, डीजल खर्च 17.10 से बढ़ाकर 18.70 करोड़ किया गया है। राजस्व को हो रहा नुकसान कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि शहर के कई अपार्टमेंट में कॉमर्शियल गतिविधियां (बुटीक, कोचिंग या आफिस आदि) चल रही हैं। नगर निगम को आवासीय हाउस टैक्स मिल रहा है। इससे राजस्व को नुकसान हो रहा है। बिल्डिंग बॉयलाज का उल्लंघन हो रहा है। मेयर ने कहा कि जोनवार ऐसे अपार्टमेंट चिह्नित किए जाएं और उन पर कॉमर्शियल टैक्स लगाया जाए।

Leave a Reply