दरभंगा के पटोरी हत्याकांड मामले में 31 साल बाद आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (तृतीय) सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने इस जघन्य हत्याकांड में दो सीनियर वकील समेत कुल 5 आरोपियों को दोषी करार दिया है। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि विशनपुर थाना क्षेत्र के बसंत गांव के रहने वाले कौशर इमाम हाशमी, अंबर इमाम हाशमी, राजा हाशमी, मोबिन हाशमी एवं अंजार हाशमी को हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने 8 अगस्त 1994 को हुए हत्याकांड की सुनवाई पूरी करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया है। सभी दोषियों की सजा पर कोर्ट 31 जनवरी 2026 को सुनवाई करेगी। 8 अगस्त 1994 को क्या हुआ था? घटना 8 अगस्त 1994 की शाम करीब 7 बजे की है। विशनपुर थाना क्षेत्र के बसंत गांव से सटे गुणसार पोखर के दक्षिण-पूर्वी पोखर भिंडा पर अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका दहल उठा था। पटोरी गांव के रामकृपाल चौधरी, रामपुकार चौधरी समेत करीब एक दर्जन किसान भैंस चराकर लौट रहे थे और पोखर में मवेशियों को पानी पिला रहे थे। इसी दौरान बसंत गांव से 25 से अधिक लोग फरसा, भाला और बंदूक से लैस होकर पहुंचे और पशुपालकों को घेर लिया। आरोप है कि अभियुक्तों ने मवेशियों को जबरन बसंत गांव ले जाने का प्रयास किया। विरोध करने पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी गई। इस गोलीबारी में रामकृपाल चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पटोरी गांव के मोहन चौधरी, रविंद्र चौधरी, अशोक चौधरी, कैलाश बिहारी चौधरी, संगीत चौधरी और रामपुकार चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 32वें साल में हत्याकांड का आया फैसला इस हत्याकांड के ट्रायल के दौरान 31 वर्ष बीत गए, और 32वें वर्ष में जाकर न्यायिक निर्णय आया है। इस लंबी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान प्राथमिकी में नामजद आधा दर्जन से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है। वहीं, गोली से घायल एक युवक की भी बाद में मौत हो गई थी।
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