चित्रकूट के लालापुर स्थित बाल्मीकि आश्रम में 30 साल बाद रैकवार समाज का ऐतिहासिक मेला बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन ने समाज में नई ऊर्जा और एकता का संचार किया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। मेला प्रभारी मुन्ना लाल रैकवार ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए आश्रम के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस स्थल की स्थापना लगभग 60 वर्ष पूर्व समाज के पूर्वजों द्वारा की गई थी। करीब 40 वर्ष पहले तक यहां नियमित रूप से भव्य मेले का आयोजन होता था। किन्हीं कारणों से प्रबंधन कार्यकारिणी के निष्क्रिय होने के कारण पिछले 30 वर्षों से यह परंपरा ठप पड़ गई थी। मुन्ना लाल रैकवार ने कहा कि समाज के सहयोग और प्रयासों से इस परंपरा को पुनर्जीवित किया गया है। मुख्य वक्ता सीताराम रैकवार ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की मजबूती के लिए इस प्रकार के आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने आश्रम के सर्वांगीण विकास, भूमि के सीमांकन और सुव्यवस्थित संचालन के लिए एक सशक्त एवं सक्रिय प्रबंधन समिति के गठन पर जोर दिया। इस अवसर पर सर्वसम्मति से एक एडहॉक प्रबंधन कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें जागेश्वर रैकवार (फौजी) को अध्यक्ष, छवि लाल रैकवार को उपाध्यक्ष, मुन्ना लाल रैकवार को महासचिव, उमेश चंद्र कश्यप को कोषाध्यक्ष और सीताराम कश्यप को विशेष सलाहकार नियुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त, उमेश कुमार रैकवार (एडवोकेट, हाईकोर्ट) को कानूनी सलाहकार, ओम प्रकाश रैकवार को संगठन मंत्री, अमित कुमार कश्यप को प्रचार मंत्री तथा बुल्लू रैकवार को आश्रम प्रबंधक बनाया गया। 11 सदस्यों का भी मनोनयन किया गया। इनमें सुरेंद्र रैकवार (प्रधान), संतोष कुमार (हलवाई), नत्थू लाल रैकवार, अर्जुन कश्यप (पत्रकार), रामचंद्र रैकवार, ओम प्रकाश रैकवार, नत्थू प्रसाद रैकवार, वृंदावन रैकवार (टेलर), राजा रैकवार, राजकुमार रैकवार और प्रदीप धुरिया शामिल हैं। कार्यक्रम के अंत में समाज के लोगों ने एकजुट होकर आश्रम के विकास, सामाजिक एकता को मजबूत करने तथा भविष्य में मेले को और भव्य रूप में आयोजित करने का संकल्प लिया। इस आयोजन को रैकवार समाज के पुनर्जागरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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