गोपालगंज के कुचायकोट प्रखंड के बल्थरी चेक पोस्ट के पास आज विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग एक विशेष वाहन से पहुंचा, जहां शिव भक्तों और स्थानीय लोगों के साथ पुलिसकर्मियों ने भक्ति भाव से स्वागत किया। साथ ही विधि विधान के साथ तिलकर लगाकर आरती उतारी और फूल अक्षत से पूजा अर्चना की गई। विशालकाय शिवलिंग को देखने के लिए उमड़ा सैलाब इस दौरान आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग होने का दावा किए जाने वाला यह विशालकाय शिवलिंग जैसे ही गोपालगंज की धरती पर पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। तमिलनाडु से पूर्वी चंपारण के लिए चला विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग को देखने वालो की भीड़ उमड़ पड़ी हर कोई अपने मोबाइल कैमरे में इस विशाल शिव लिंग को कैद करना चाहता था। आस्था और इंजीनियरिंग का संगम यह शिवलिंग न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना इंजीनियरिंग का भी एक बड़ा चमत्कार माना जा रहा है। 210 मीट्रिक टन वजन होने के कारण इसे ले जाने के लिए विशेष डिजाइन वाला 96 चक्का ट्रक पर लोड किया गया है। चौड़ाई 540 फीट, लंबाई 1080 फीट गोपालगंज की यात्रा करीब 48 से 50 घंटे में पूरी कर पूर्वी चंपारण में शिवलिंग प्रवेश करेगा। शिवलिंग की ऊंचाई 270 फीट चौड़ाई 540 फीट लंबाई 1080 फीट क्षेत्रफल 120 एकड़ में यह शिव है। जगह-जगह लोग शिवलिंग का स्वागत और पूजा अर्चना के लिए खड़े रहे। नंदी मंडप और गर्भगृह का पाइलिंग कार्य पूरा बता दें कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास समिति के अध्यक्ष और महावीर मंदिर न्यास समिति से जुड़े किशोर कुणाल ने विराट रामायण मंदिर का निर्माण कराने के लिए शिलान्यास किया था। 20 जून 2023 को शिलान्यास के बाद से ही नींव, प्रवेश द्वार, सिंह द्वार, नंदी मंडप और गर्भगृह का पाइलिंग कार्य पूरा किया जा चुका है। शिवलिंग विशाल ग्रेनाइट पत्थर से तैयार वही शिव लोग की स्थापना के लिए यह शिवलिंग महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में तैयार किया गया है। शिवलिंग एक ही विशाल ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है, जो इसे भारतीय शिल्पकला का अद्भुत नमूना बनाता है। शिवलिंग में पारंपरिक दक्षिण भारतीय नक्काशी शैली की झलक स्पष्ट दिखाई दे रही है।
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