इटावा में 26 वर्ष पुराने कचहरी कांड में लंबे समय से चल रहे मामले में बड़ी राहत मिली है। लखनऊ स्थित सीबीआई कोर्ट ने अधिवक्ताओं को दोषमुक्त करार दिया है। इस फैसले के बाद जिला बार एसोसिएशन ने खुशी जताते हुए संबंधित अधिवक्ताओं का सम्मान किया। यह मामला अधिवक्ता रणवीर सिंह सेंगर हत्याकांड के बाद कचहरी परिसर में प्रशासन और वकीलों के बीच हुई झड़प से जुड़ा था। करीब 26 साल पहले कचहरी में हुए विवाद के बाद प्रशासन ने कई अधिवक्ताओं को आरोपित बनाया था। इस मामले में एडवोकेट सुनील टंडन, एडवोकेट सुनील बाजपेई और एडवोकेट धर्मेंद्र शर्मा पर आरोप लगाए गए थे। लंबे समय तक चले मुकदमे के बाद लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने तीनों अधिवक्ताओं को दोषमुक्त कर दिया। बार एसोसिएशन ने फूल माला पहनाकर किया सम्मान फैसले के बाद जिला बार एसोसिएशन इटावा में खुशी का माहौल रहा। जिलाध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी और महामंत्री नितिन तिवारी सहित अन्य पदाधिकारियों ने तीनों अधिवक्ताओं को फूल माला पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने कविता के माध्यम से अपनी भावनाएं भी व्यक्त कीं और फैसले को न्याय की जीत बताया। अध्यक्ष बोले, सत्य की हुई जीत जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यह फैसला सत्य की जीत का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय प्रशासन ने गलत तरीके से अधिवक्ताओं को आरोपित बनाया था। कोर्ट के निर्णय से अधिवक्ता समुदाय में खुशी का माहौल है और सभी ने इसे न्याय की जीत बताया। सम्मान समारोह में वरिष्ठ अधिवक्ता शांति स्वरूप पाठक, विमल तिवारी, देवेंद्र पांडे अधिवक्ता राजपाल सिंह भदोरिया और वरिष्ठ अधिवक्ता शांति स्वरूप पाठक, डीबीए के संयुक्त मंत्री योगेश यादव, सुनील यादव, वरिष्ठ सदस्य प्रमोद तिवारी, सौरभ झा, सुभाष चंद्र, राजीव त्रिपाठी, अजीत ऋषिईश्वर, अनिल कुमार, इंद्रपाल सिंह, हिमांशु यादव, विवेक द्विवेदी, आदित्य मोहन, सीपू चौधरी और मीडिया प्रभारी अमित तिवारी भी कार्यक्रम में शामिल रहे।

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