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25 संविदाकर्मियों की सेवा समाप्ति पर घमासान:डिप्टी सीएम से लगाई गुहार, ‘वसूली के बावजूद हटाया गया’; एमडी माध्यंचल ने दौरा
राजधानी में बिजली विभाग से जुड़े 25 संविदाकर्मियों को सेवा से निष्कासित किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रभावित कर्मचारियों ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से हस्तक्षेप की मांग करते हुए उन्हें प्रार्थना पत्र सौंपा है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्होंने पूरी निष्ठा से राजस्व वसूली और योजनाओं को लागू किया, इसके बावजूद उन्हें अचानक हटा दिया गया।
निष्कासन के खिलाफ संविदाकर्मियों की अपील
संविदाकर्मियों ने अपने पत्र में बताया कि उन्हें 12 मार्च 2026 को जारी एक आदेश के तहत सेवा से निष्कासित कर दिया गया। विभाग की ओर से आरोप लगाया गया कि उन्होंने राजस्व वसूली और ‘बिजली बिल राहत योजना 2025-26’ में पर्याप्त रुचि नहीं दिखाई।
हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने इस योजना को सफल बनाने के लिए लगातार कैम्प आयोजित किए, लोगों का पंजीकरण कराया और रोजाना रिपोर्ट भी अधिकारियों को भेजी। इसके बावजूद सिर्फ उन्हें ही निशाना बनाकर सेवा समाप्त कर दी गई।
‘काम हमने किया, हटाया हमें गया’ का आरोप
संविदाकर्मियों ने दावा किया कि कलेक्शन कार्य के लिए कुल 54 कर्मियों की तैनाती की गई थी, लेकिन वास्तविक काम केवल 25 कर्मचारियों ने ही किया। अन्य कर्मियों ने कोई योगदान नहीं दिया, फिर भी कार्रवाई केवल सक्रिय कर्मियों पर ही हुई।
उनका कहना है कि जिन क्षेत्रों में अच्छी वसूली हुई, वहीं से कर्मियों को हटाया गया, जिससे निर्णय की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
परिवार पर संकट, भुखमरी की आशंका
प्रार्थना पत्र में कर्मचारियों ने अपनी सामाजिक और आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि वे कई वर्षों से विभाग में कार्यरत हैं और उनके परिवार पूरी तरह उन्हीं पर निर्भर हैं।
अचानक नौकरी छिन जाने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने कहा कि उनके पास कोई वैकल्पिक रोजगार नहीं है, जिससे परिवार के भरण-पोषण में भारी दिक्कत आ सकती है।
एमडी का दौरा, राजस्व लक्ष्य पर जोर
इधर, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) की एमडी रिया केजरीवाल ने अमौसी क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को राजस्व लक्ष्य 100 प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही ‘झटपट पोर्टल’ की लंबित शिकायतों को शून्य करने और AMISP के लिए हेल्प डेस्क बनाने के आदेश भी जारी किए गए। इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और कार्यों की समीक्षा की गई।
डिप्टी सीएम से न्याय की उम्मीद
संविदाकर्मियों ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से अपील की है कि उनके मामले में हस्तक्षेप कर निष्कासन आदेश को निरस्त कराया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि उनके कार्यों से विभाग की छवि को कोई नुकसान हुआ हो तो वे इसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं, लेकिन बिना ठोस कारण के सेवा समाप्त करना अन्यायपूर्ण है। कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें दोबारा कार्य पर बहाल किया जाए ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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