रोटरी क्लब मेरठ संभाग द्वारा 23 मार्च 2026 को प्रेस वार्ता आयोजित कर 24 मार्च को होने वाले भव्य नवसंवत्सर उत्सव कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में शाम 4:15 बजे से आयोजित होगा। कार्यक्रम संयोजक रो. प्रणय गुप्ता ने बताया कि यह प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित की गई थी, जिसमें अंतिम चरण में मेरठ के 15 चयनित विद्यालय भाग लेंगे। ये सभी विद्यालय भारत की समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास को लोक एवं शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। प्रतियोगिता के विजेताओं को आकर्षक नकद पुरस्कार और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी जिसमे प्रथम पुरस्कार: ₹51,000 व ट्रॉफी ,द्वितीय पुरस्कार: ₹31,000 व ट्रॉफी ,तृतीय पुरस्कार: ₹21,000 व ट्रॉफी और दो सांत्वना पुरस्कार: ₹5,100-₹5,100 तय किया गया है। साथ ही सभी प्रतिभागी छात्रों को सहभागिता प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे। सह संयोजक रोटेरियन समीर अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। साथ ही रोटरी इंटरनेशनल निदेशक रो. बासुदेव गोलियान भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। विशिष्ट अतिथियों में CDO नूपुर गोयल, पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल और रोटरी मंडल 3100 के मंडलाध्यक्ष रो. नितिन अग्रवाल (CA) शामिल होंगे। हर स्कूल दिखाएगा एक राज्य की संस्कृति सह संयोजक रो. गौरव बंसल ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी स्कूलों को भारत के अलग-अलग राज्यों की संस्कृति और इतिहास को प्रस्तुत करने का दायित्व दिया गया है, जिससे दर्शकों को देश की विविधता का एक मंच पर अनुभव होगा। नववर्ष के प्रति जागरूकता उद्देश्य समीर अग्रवाल ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदू नववर्ष के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहां सभी धर्मों का सम्मान है, लेकिन भारतीय संस्कृति के इस महत्वपूर्ण पर्व को भी उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए। कार्यक्रम में किसी भी स्कूल या छात्र से कोई शुल्क नहीं लिया गया है। करीब 35 स्कूलों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 28 ने प्रथम चरण में भाग लिया और 15 स्कूलों को फाइनल के लिए चुना गया। आयोजकों द्वारा सभी प्रतिभागियों के लिए नाश्ता और भोजन की भी व्यवस्था की गई है। यह कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति का मंच बनेगा, बल्कि युवा पीढ़ी को भारतीय परंपरा और विरासत से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण प्रयास साबित होगा।

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