मध्यप्रदेश के मंडला जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में हुए दो करोड़ से अधिक के सोना-चांदी लूटकांड का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गुरुवार देर रात मध्यप्रदेश पुलिस ने मुजफ्फरपुर पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी कर सदर, बरूराज और पारू थाना क्षेत्र से मास्टरमाइंड सहित तीन शातिरों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों में बरूराज थाना अंतर्गत रामपुरवा अखाड़ा निवासी मास्टरमाइंड मो. खालिद, सदर थाना क्षेत्र के अतरदह वार्ड 31 का शशि कुमार और पारू थाना के ग्यासपुर का कृष्णा कुमार सिंह है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त खालिद की कार भी जब्त की। शुक्रवार काे कोतवाली मंडला थाना के आईओ सह उपनिरीक्षक शफीक खान ने तीनों आरोपियों को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया। पुलिस ने तीनों के मोबाइल भी जब्त किए हैं। लूटे गए सोना-चांदी के
आभूषणों की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। खालिद ने कहा था सोनार के दुकान में करनी है लूट
20 नवंबर को हुई थी वारदात, विरोध पर व्यवसायी को मारी थी गोली
घटना 20 नवंबर की शाम को हुई थी। कटरा मंडला के समीप आयुषी ज्वेलर्स में अक्षांश सोनी और उनके भाई आयुष सोनी व्यवसाय करते हैं। दुकान में बॉबी यादव कर्मचारी के रूप में काम करता है। रोज की तरह दुकान बंद करने के लिए सोना-चांदी के आभूषण दो बैग में रखकर बॉबी दुकान के सामने खड़ी कार में रखने जा रहा था। उसी समय मंडला की ओर से कार से आए तीन अपराधी दुकान में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण काे लूटने लगा, जिसका आयुष ने विरोध किया। अपराधी ने उसके बाएं पैर में गोली मार दी और बैग लेकर सभी फरार हो गए। गिरफ्तार तीनों अपराधियों से मध्यप्रदेश पुलिस ने पूछताछ कर उनका स्वीकारोक्ति बयान दर्ज किया है। कृष्णा कुमार सिंह ने बताया कि वह ग्यासपुर (पारू) का रहने वाला और मजदूरी करता है। उसकी मुलाकात खालिद से हुई, जिसने उसे बताया कि मंडला में एक ज्वेलर्स दुकान में दो से ढाई किलो सोना रहता है, जिसे लूटना है। 17 नवंबर को खालिद अपनी कार से शशि और कृष्णा के साथ कटनी होते हुए जबलपुर और इंदौर की ओर गया और फिर मंडला पहुंचा। वहां पर स्थानीय शातिरों पंकज ठाकुर, लवकुश, शनि, अजहर आदि से संपर्क हुआ। कृष्णा ने स्वीकार किया कि वारदात के दौरान जब आयुष ने विरोध किया, तो गोली उसने चलाई थी। सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों की कार का सुराग मिला
घटना के बाद पुलिस ने अपराधियों की दो कारों को चिह्नित किया। मोबाइल टावर डंप करने के साथ अपराधियों के भागने की दिशा में कई टोल प्लाजा से सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें दोनों कार चिह्नित हुई। कारों मालिकों का पता लगाया गया, जिससे पुलिस सीधे मास्टरमाइंड खालिद तक पहुंची। उसकी गिरफ्तारी के बाद शशि और कृष्णा के बारे में पुलिस काे जानकारी मिली। 55 वर्षीय खालिद ने ही पूरी साजिश रची थी।
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