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1583 डिफाल्टर आवंटियों को मिला अंतिम मौका:OTS में जमा कर बचा सकते हैं संपत्ति, नहीं तो निरस्त होगा आवंटन

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) के 1583 डिफाल्टर आवंटियों को एक अंतिम मौका दिया गया है। एकमुश्त समाधान योजना (OTS) के तहत बकाया जमा कर वे अपनी प्रॉपर्टी बचा सकते हैं नहीं तो आरसी जारी कर वसूली होगी और आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। इस योजना में पैसा जमा करने पर पेनाल्टी से राहत भी मिलेगी। इन डिफाल्टरों पर लगभग 53 करोड़ 4 लाख रुपये का बकाया है। इसमें मूल ब्याज के साथ पेनाल्टी भी शामिल है। OTS का लाभ लेने पर पेनाल्टी नहीं लगेगी। GDA के अनुसार, OTS-2026 योजना के तहत डिफाल्टरों को दंडात्मक ब्याज से पूरी तरह राहत दी जा रही है और आसान किस्तों में बकाया जमा करने की सुविधा भी दी गई है। इसके बावजूद यदि कोई आवंटी इस अवसर का लाभ नहीं उठाता है, तो उसे भविष्य में किसी भी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी। प्राधिकरण का कहना है कि ऐसे मामलों में बकाया की वसूली भू-राजस्व की तरह की जाएगी, जिसमें कुर्की, जब्ती और अन्य कानूनी कदम भी शामिल हो सकते हैं। 18 अप्रैल से कर सकेंगे आवेदन
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन ने बताया कि योजना के प्रचार-प्रसार के लिए सभी डिफाल्टरों को ई-मेल, एसएमएस और नोटिस के माध्यम से सूचित किया जाएगा। 18 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी और 3 माह तक आवेदन लिए जाएंगे। इसी अवधि में मामलों का निस्तारण भी किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना एक सीमित अवधि के लिए है और इसके बाद किसी प्रकार की रियायत की संभावना नहीं होगी। योजना के तहत आवंटियों को किस्तों में भुगतान की सुविधा दी गई है, लेकिन इसके लिए भी तय समय का पालन अनिवार्य होगा। यदि कोई आवंटी 30 दिनों के भीतर निर्धारित एक-तिहाई राशि जमा नहीं करता है, तो उसका आवेदन निरस्त हो सकता है। इसी तरह, शेष किस्तों का भुगतान समय पर न करने पर भी योजना का लाभ समाप्त कर दिया जाएगा। प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना में आवेदन न करने वाले डिफाल्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। ऐसे मामलों में संपत्ति की कुर्की, आवंटन निरस्तीकरण और बकाया की जबरन वसूली जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। इसके अलावा, संबंधित आवंटियों का नाम डिफाल्टर सूची में दर्ज कर आगे की योजनाओं में उनकी पात्रता भी प्रभावित हो सकती है। 4 साल बाद आया है मौका GDA में 4 साल बाद ओटीएस योजना लागू की गई है। इससे पहले वर्ष 2021-22 में यह योजना चलाई गई थी, जिसमें कई आवंटियों ने लाभ उठाकर अपना बकाया चुकाया था। इस बार भी प्राधिकरण को उम्मीद है कि अधिक से अधिक लोग इस अवसर का लाभ उठाएंगे। फिलहाल, जीडीए ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यह योजना राहत के साथ-साथ चेतावनी भी है। जो आवंटी समय रहते अपने बकाया का निस्तारण कर लेंगे, उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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