अंबेडकरनगर के जहांगीरगंज क्षेत्र के 12 युवाओं से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 11.75 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आजमगढ़ और जौनपुर के पांच जालसाजों पर यह आरोप है। पुलिस ने इस संबंध में विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जहांगीरगंज के नवागांव निवासी मोहम्मद कामिल ने बताया कि जनवरी 2025 में उनकी मुलाकात बावली चौराहा पर आजमगढ़ के आरिफ, मोहम्मद अली, सुरेंद्र और जौनपुर के इरशाद से हुई थी। इन आरोपियों ने उन्हें सऊदी अरब में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। आरोप है कि जालसाजों ने वीजा बनवाने के बहाने मोहम्मद कामिल सहित मोहम्मद शमशाद, अब्दुल बासित, रजाऊल मुस्तफा (महरुआ), मोहम्मद अहफाज (सिकंदराबाद, टांडा), शरीफ, अतीकुंजमा, मोहम्मद सैफ (छज्जापुर), शमीम, अरसद अहमद, नूर मोहम्मद और मोहम्मद जाहिद (भगतपुर, बिलरियागंज, आजमगढ़) से कुल 11,75,553 रुपये अपने बैंक खातों, गूगल पे और अन्य माध्यमों से लिए। पैसे लेने के बाद सभी पीड़ितों को सऊदी अरब के फर्जी वीजा और पासपोर्ट थमा दिए गए। उन्हें मुंबई बुलाया गया, जहां कूटरचित हवाई टिकट भी दिए गए। जब इन दस्तावेजों की जांच की गई, तो फर्जीवाड़ा सामने आया और युवाओं को ठगी का एहसास हुआ। पीड़ितों ने जब अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करते रहे। पहले उन्होंने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद नौ फरवरी को पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई, जिसके बाद जांच के निर्देश दिए गए। क्षेत्राधिकारी प्रदीप सिंह चंदेल ने बताया कि मामले की जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद 24 मार्च को आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के अनुसार, पीड़ितों के बयान दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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