भास्कर न्यूज | मधेपुरा जिला मुख्यालय स्थित न्यू एनआईसी मीटिंग हॉल में जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रबी सीजन की तैयारियों, उर्वरक उपलब्धता, निगरानी व्यवस्था और शिकायत निवारण की समीक्षा की गई। जिला कृषि पदाधिकारी रितेश रंजन ने बताया कि रबी 2025-26 के लिए विभिन्न फसलों का संभावित लक्ष्य 1,05,504.18 हेक्टेयर के मुकाबले अब तक 2,688.5 हेक्टेयर क्षेत्र में उपलब्धि दर्ज की गई है। जिले में वर्तमान में यूरिया 13,217 एमटी, डीएपी 5,121.75 एमटी, एमओपी 2,126.20 एमटी, एनपीके 3,920 एमटी और एसएसपी 295 एमटी उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विभाग नियमित संपर्क में रहे और आवश्यक उर्वरक की आपूर्ति समय पर सुनिश्चित करे। उर्वरक निरीक्षकों और क्यूआरटी टीम द्वारा जिले में उर्वरक कालाबाजारी, रि-पैकिंग और पीओएस सत्यापन की लगातार जांच जारी है। एक अक्टूबर से अब तक कुल 119 छापेमारी की गई है, जिनमें 5 मामलों में अनियमितता पाई गई। कार्रवाई के तहत एक प्रतिष्ठान का लाइसेंस रद्द, 3 प्रतिष्ठानों की लाइसेंस निलंबित किया और 5 से स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी उर्वरक निरीक्षक रोजाना अपने-अपने क्षेत्र के उर्वरक दुकानों का निरीक्षण करें और सरकारी दर पर बिक्री सुनिश्चित कराएं। साथ ही जिला कृषि पदाधिकारी को कंट्रोल रूम को सक्रिय रूप से संचालित करने, सभी शिकायतों का पंजी संधारित करने और उनका समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग किसानों की इच्छा के विरुद्ध नहीं की जाएगी, यह भी स्पष्ट निर्देश जारी किया गया। बैठक में आलमनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक के प्रतिनिधि श्री मणि मंडल द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना की गई और उन्हें लागू करने का आश्वासन दिया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं थोक उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे।
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