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हेलो..क्या आपके बच्चे का नंबर बढ़वाना है:UP बोर्ड की परीक्षा में अंक बढ़वाने के नाम पर हो रहा फ्राड, जालसाजों पर होगी कार्रवाई


                 हेलो..क्या आपके बच्चे का नंबर बढ़वाना है:UP बोर्ड की परीक्षा में अंक बढ़वाने के नाम पर हो रहा फ्राड, जालसाजों पर होगी कार्रवाई

हेलो..क्या आपके बच्चे का नंबर बढ़वाना है:UP बोर्ड की परीक्षा में अंक बढ़वाने के नाम पर हो रहा फ्राड, जालसाजों पर होगी कार्रवाई

UP बोर्ड की परीक्षा के बाद मूल्यांकन का कार्य भी पूरा हो चुका है। ऐसे में फ्राड भी सक्रिय हो गए हैं। परीक्षार्थियों के अंक बढ़वाने व पास कराने के नाम पर पैरेंट्स के पास कॉल कर रहे हैं। पूछ रहे हैं कि अपने बच्चे का अंक बढ़वाना चाहते हैं तो वह पूरी डिटेल्स उपलब्ध करा दें। इस तरह की शिकायत जब विभाग के उच्चाधिकारियों के पास तक पहुंची तो अफसर भी अलर्ट हो गए। वाराणसी के जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यदि इस तरह के कोई भी कॉल पैरेंट्स के पास जाते हैं तो वह बिल्कुल इस बहकावे में न आएं क्योंकि पैसे आदि देकर कोई भी नंबर आदि नहीं बढ़वा सकता है। कॉल करने वालों के खिलाफ कराएं FIR वहीं, इस मामले में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह की ओर भी सख्त आदेश जारी किया गया है। वाराणसी समेत सभी DIOS को उन्होंने पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि साइबर अपराधी परीक्षा से जुड़े छात्रों को निशाना बनाकर उनके अंकों में हेरफेर या बेहतर परिणाम दिलाने का झांसा देकर ठगी कर सकते हैं। साइबर अपराधी फोन कॉल, मैसेज या ईमेल के माध्यम से छात्रों से संपर्क कर खुद को बोर्ड या उससे जुड़े अधिकारियों का प्रतिनिधि बताकर विश्वास जीतने की कोशिश करते हैं। इसके बाद वे छात्रों से पैसे या गोपनीय जानकारी जैसे रोल नंबर, बैंक डिटेल आदि मांग सकते हैं। कई मामलों में अपराधी फर्जी पहचान बनाकर छात्रों और अभिभावकों को भ्रमित करते हैं। इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस के सहयोग से ऐसे साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई है। बोर्ड कभी भी काल कर ऑनलाइन डिटेल नहीं मांगता यूपी बोर्ड की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि वह कभी भी छात्रों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क नहीं करता और न ही किसी प्रकार की फीस या जानकारी फोन या ऑनलाइन माध्यम से मांगता है। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ईमेल पर भरोसा न करने की सलाह दी गई है। छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। यदि इस प्रकार की कोई कॉल आती है तो उसका रिकॉर्ड रखें और तुरंत DIOS को सूचित करें। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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