हरियाणा के हिसार जिले के गांव दड़ौली में मां 100 साल की हुईं, तो बेटों ने ग्रैंड सेलिब्रेशन किया। 100वें जन्मदिन पर मीरा देवी ने 4 पीढ़ियों के साथ डीजे पर डांस भी किया। एक हजार से अधिक लोगों के लिए स्पेशल लंच की व्यवस्था की गई। दूर-दराज से रिश्तेदारों के अलावा आसपास के गांव- ग्वांड से जान-पहचान वाले भी न्योते गए। यह समारोह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, गांव दड़ौली निवासी मीरा देवी की असल जन्म तारीख तो पता नहीं। लेकिन, परिवार हर बार नए साल यानी 1 जनवरी को उनका जन्मदिन मनाता है। इस बार वो 100 साल की हो गईं। मीरा देवी के पति स्व.बिहारी लाल शर्मा अंग्रेजों के जमाने में सेना में कुक थे। वह बरतानिया में ड्यूटी करते थे। बाद में वह अंग्रेजों की सेना छोड़कर सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में शामिल हो गए। पूरी तरह स्वस्थ, कभी-कभार बढ़ता है बीपी
मीरा देवी के सबसे बड़े बेटे सज्जन कुमार 77 साल के हैं। वह बताते हैं कि मां 100 साल की उम्र में भी पूरी तरह स्वस्थ हैं। सुनाई भी ठीक देता है। एक आंख पहले से ही खराब थी, लेकिन दूसरी आंख से सही दिखता है। कभी-कभार सिर्फ बीपी बढ़ता है। उसके लिए दवाई लेती हैं। बाकी दिनचर्या अच्छे से बिताती हैं। पति का 1988 में हुआ था निधन
मीरा देवी के पति बिहारी लाल शर्मा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ मिलकर आजाद हिंद फौज में रहते हुए आजादी की लड़ाई लड़ी। इस दौरान वह काफी समय तक घर से दूर ही रहे। मगर देश की आजादी के बाद बिना पेंशन ही घर लौट आए थे। इसके बाद वह गांव दड़ौली में ही रहे। साल 1998 में उनका निधन हो गया था। जानिए… मीरा देवी और उनके परिवार की कहानी जन्मदिन समारोह में आसपास के गांवों से पहुंचे लोग
मीरा देवी के बेटे महेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी माता के जन्मदिन समारोह में गांव दड़ौली के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी लोगों को आमंत्रित किया गया। इस समारोह में राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक कार्यों में सक्रिय लोगों की भागीदारी रही। इनमें हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी जिलों से जानकार और रिश्तेदार आए। समारोह में आए लोगों ने उनकी माताजी को अलग-अलग प्रकार के गिफ्ट देकर सम्मानित किया। मां बोली-बेटों-पोतों ने जीवन सफल कर दिया
महेंद्र सिंह बताते हैं कि इस जन्मदिन समारोह के आयोजन में मां ने भी बड़े चाव से भाग लिया। वह सभी से मिलकर बेहद खुश हुई। मां को इस आयोजन के बारे में एक सप्ताह पहले बताया था। आयोजन के बाद मां ने कहा कि बेटों-पोतों ने जीवन सफल कर दिया। उन्हें खुशी हुई कि इस बहाने वह सारे बच्चों व रिश्तेदारों से मिल सकीं।
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