शंकराचार्य स्वमी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा दिए गए बयान कि ‘इंद्रेश कुमार ने 10 लाख हिंदू लड़कियों का विवाह मुस्लिम घरों में करा दिया।’ पर दलित महिलाओं का आक्रोश सामने आया है। वाराणसी में दलित महिला परिषद् ने इस मामले में लमही स्थित प्रेमचंद्र स्मृति द्वार से एक आक्रोश मार्च निकाला। इस मार्च में महिलाओं ने जमकर शंकराचार्य का विरोध किया। दलित महिलाओं की नेता खुशी रमन के नेतृत्व में निकले इस आक्रोश मार्च में महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की कर शंकराचार्य के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। महिलाओं ने इस दौरान शंकराचार्य से माफी मांगने की बात भी कही। देखिये विरोध की तस्वीरें… दलित लड़कियों को बदनाम कर रहे हैं शंकराचार्य दलित महिलाओं की नेता खुशी रमन ने इस दौरान कहा – शंकराचार्य ने 10 लाख हिन्दू लड़कियों को बदनाम तो कर दिया। अब 10 हजार के ही नाम बता दो न। स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द को अम्बानी की शादी में जाने की फुर्सत थी। कभी किसी दलित बेटी की शादी में गए हैं। किसी दलित बच्चे को अपने थाली में खाना खिलाये हैं। किसी दलित महिला का सम्मान किया है। खुशी रमन ने कहा दलित बेटियों का अपमान बहुत भारी पड़ेगा स्वामी को। स्वामी हिन्दू धर्म को पूरी तरह बदनाम करके उन लोगों को फायदा पहचाना चाहते हैं जो हमारे भगवान और धर्म के विरुद्ध हों। आंदोलन को और करेंगे तेज दलित महिला परिषद को समर्थन देने पहुंची डॉ नजमा परवीन ने कहा कि स्वामी को एक समाज सुधारक के बारे में इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए। 10 लाख की शादी हो रही थी तो स्वामी चुप क्यों थे ? विरोध करते, झूठ बोलकर स्वामी को कुछ नहीं मिलेगा सिवाय रुसवाई के। अभी आंदोलन और तेज होगा। जो भी महिलाओं के खिलाफ बोलेगा, हम उसकी मजम्मत करेंगे। महिलाएं कोई भेड़ बकरी नहीं हैं स्वामी, जो जहां चाहे विवाह करा दें। झूठ तो एक बच्चा भी पकड़ लेगा। अभी आगे क्या गजब ढायेगा, यह तो बहुत मालूम नहीं, लेकिन ड्रम बजाकर बिगुल फूंका गया है तो महिलाएं पीछे नहीं हटेंगी। इस झूठ को अंजाम तक पहुंचाकर रहेंगी। इंद्रेश कुमार को बदनाम करने वाले को नहीं करेंगे माफ महिलाओं की नेता सरोज देवी ने कहा – कोई हो, अगर कोई हमारे गुरुदेव के खिलाफ बोलेगा तो उसके खिलाफ सड़क पर आन्दोलन होगा। जिनको बदनाम किया स्वामी ने उनका नाम बताए। दलित महिला परिषद की यूथ कोऑर्डिनेटर उजाला ने कहा कि आजाद भारत मे महिलाओं को बदनाम करने वाले को माफ नहीं किया जा सकता। स्वामी को बताना पड़ेगा कि कहा गयी वो हिन्दू महिलाएं जिनकी शादी मुसलमानो से हुई है। स्वामी ने भरे बाजार में महिलाओं को बेइज्जत किया है। अब तो जल्दी कोई दलित बेटियों को मदद नहीं करेगा। इन्द्रेश जी ने किया तो स्वामी ने उनको बदनाम कर दिया। स्वामी के खिलाफ आन्दोलन ही नहीं चलेगा, स्वामी का पूर्णतः बहिष्कार होगा।

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