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हिंदू नववर्ष पर 240 जोड़ों ने किया सामूहिक महायज्ञ:सिद्धार्थनगर में विश्व शांति और लोककल्याण के लिए गूंजे वेद मंत्र
सिद्धार्थनगर में हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 की पूर्व संध्या पर बुधवार को राप्ती नदी तट स्थित परशुराम वाटिका में डुमरियागंज महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन हुआ। धर्म रक्षा मंच के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में 240 दंपतियों ने सामूहिक महायज्ञ में भाग लेकर विश्व शांति, लोककल्याण और राष्ट्र की उन्नति की कामना की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य पुजारी आचार्य बृजेश पाठक ने कराया। उन्होंने पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह को मुख्य यजमान बनाकर वैदिक विधि से कलश स्थापना कराई। इसके साथ ही पूरे परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार गूंज उठा। गुरुकुल के लगभग 40 बटुकों और विद्वान आचार्यों के निर्देशन में यज्ञ दो चरणों में संपन्न हुआ। 30 हवन कुंडों में पारंपरिक वेशभूषा में सजे दंपतियों ने श्रद्धाभाव से आहुति दी। महायज्ञ के दौरान गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय जाप, पुरुषसूक्त, श्रीसूक्त और देवीसूक्त का अखंड पाठ किया गया। मंत्रों की ध्वनि और हवन से उठती सुगंध ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर कर दिया। बालाजी का अलौकिक श्रृंगार, गूंजी महाआरती महायज्ञ के उपरांत मां भारती की भव्य आरती की गई। इसके बाद घाटा मेंहदीपुर बालाजी का अलौकिक श्रृंगार और महाआरती हुई। दीपों की रोशनी, शंख-घंटों की गूंज और जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। भक्ति जागरण में गूंजे भजन रात्रि में भक्ति जागरण का आयोजन हुआ। प्रसिद्ध गायक राजकुमार पाण्डेय और उनकी टीम ने “बाला जी आयेंगे…” व “अवध में राम आए हैं…” जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में लीन होकर झूमते रहे। हजारों श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण महोत्सव के दौरान विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सेवा में लगे स्वयंसेवकों ने पूरे अनुशासन और समर्पण के साथ व्यवस्थाएं संभालीं। समापन पर छप्पन भोग अर्पित कर महाआरती की गई और प्रसाद वितरण हुआ। पूरा आयोजन शाम 7 बजे से शुरू होकर रात 12 बजे तक चला। समाज में एकता और संस्कृति का संदेश इस अवसर पर पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि समाज में एकता, समरसता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का माध्यम हैं। हिंदू नववर्ष हमारी सनातन परंपरा और राष्ट्र गौरव का प्रतीक है, जिससे नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ती है। महोत्सव में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, नरेंद्र मणि त्रिपाठी, डॉ. दशरथ चौधरी, लवकुश ओझा, धर्मराज वर्मा, चंद्रप्रकाश चौधरी, अजय उपाध्याय, फतेह बहादुर सिंह, हरि सिंह, पप्पू सिंह, मधुसूदन अग्रहरि, अशोक अग्रहरि, पप्पू श्रीवास्तव, रमेशलाल श्रीवास्तव, शत्रुहन सोनी, दिलीप पाण्डेय उर्फ छोटे, लालजी शुक्ला, संजय मिश्रा, प्रियंका श्रीवास्तव, प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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