अमेठी में ईद का त्योहार कल मनाया जाएगा। इसे लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बीच, मुस्लिम धर्मगुरुओं ने समुदाय से ईद को भाईचारे और सद्भाव के साथ मनाने की अपील की है। जिला मुख्यालय गौरीगंज के बरौलिया गांव की मस्जिद के हाफिज मोहम्मद ताहिर ने लोगों से शांतिपूर्ण और भाईचारे के साथ ईद मनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रोजे हमें सब्र सिखाते हैं और जरूरतमंदों की मदद करने की प्रेरणा देते हैं। हाफिज ताहिर के अनुसार, रोजे अल्लाह को राजी करने के लिए रखे जाते हैं, और ईद अल्लाह की ओर से एक इनाम का दिन है। उन्होंने बताया कि रोजे का अर्थ है किसी से गलत बात न करना, गलत शब्द न कहना और लोगों से शालीनता से पेश आना। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि “यह हिंदुस्तान हमारा है” और हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारी नमाज से किसी को कोई दिक्कत न हो। यदि नमाज पढ़ने के स्थान पर अधिक भीड़ हो, तो दो बार में नमाज पढ़ने का प्रयास करना चाहिए ताकि किसी को असुविधा न हो। खाड़ी देशों में चल रहे युद्धों पर टिप्पणी करते हुए हाफिज ताहिर ने कहा कि लड़ाई-झगड़ों का नतीजा केवल तबाही और बर्बादी है। उन्होंने कहा कि हम भटक चुके हैं, इसलिए जंग की सूरतें नजर आ रही हैं। हमें ऐसे काम करने चाहिए जिनसे आम जनता को फायदा हो।

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