DniNews.Live

हापुड़ रोड पर नये एसपी दफ्तर के लिए रास्ता साफ:बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन का था कब्जा, एडिशनल एसपी अभिषेक तिवारी ने जमीन कब्जा मुक्त कराई

मेरठ-हापुड़ रोड पर नये एसपी सिटी दफ्तर का रास्ता साफ हो गया है। बुधवार को एडिशनल एसपी/सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने फोर्स ले जाकर बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के कब्जे से जमीन मुक्त कराकर विभाग को सौंप दी। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही यहां काम शुरु हो जाएगा। पहले जानिए कैसे शुरु हुई तलाश
CAA हिंसा के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा खासा चर्चाओं में रहा। हापुड़ रोड वह इलाका था, जहां सबसे ज्यादा उपद्रव मचाया गया था और पुलिस को परेशानी झेलनी पड़ी थी। इसी दौरान तत्कालीन IG (वर्तमान में एडीजी) प्रवीण कुमार के समक्ष कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया। मामला गंभीर था, इसलिए IG ने भी मौन स्वीकृति देते हुए जमीन की तलाश शुरु करा दी। तिरंगा गेट पर सुझाई गई जमीन
प्रवीण कुमार गंभीर थे, जिस कारण अफसरों ने जमीन की तलाश शुरु कर दी। इस बीच उनके मित्र विजय वेदांत माहेश्वरी ने हापुड़ रोड पर नौचंदी थाना क्षेत्र में तिरंगा गेट के पास मौजूद जमीन की चर्चा उनसे की। जल्द ही प्रवीण कुमार ने जमीन का विवरण जुटा लिया। पता चला कि यह जमीन जिला पंचायत की है, जिस पर बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन का कब्जा है और वह मेरठ-बुलंदशहर रूट पर बसों का संचालन कर रहा है। कार्यालय व बैरक का सुझाया प्रस्ताव
विजय वेदांत माहेश्वरी ने आईजी प्रवीण कुमार को बताया था कि अगर यहां एसपी सिटी दफ्तर शिफ्ट किया जाए तो पूरा इलाका सिक्योर हो जाएगा। बात आगे बढ़ी और वहां एसपी सिटी दफ्तर के साथ ही बड़ी पुलिस बैरक बनाये जाने पर सहमति बन गई। जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। प्रस्ताव में दिखाया गया कि यहां एसपी दफ्तर बनने के बाद हापुड़ रोड से भूमिया पुल तक के एरिये को कवर किया जा सकता है। संघ पदाधिकारियों ने भी की पैरवी
प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। पुलिस के आला अफसरों तत्कालीन एडीजी जोन मेरठ ध्रुवकांत ठाकुर, आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण और बाद में डा. विपिन ताडा के साथ ही संघ के पदाधिकारियों ने भी प्रस्ताव की पैरवी की। नतीजा यह हुआ कि शासन की ओर से भी इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई। जल्द ही ड्राइंग तैयार कर शासन को भेज दी गई और उस पर मोहर लग गई। एसोसिएशन ने ली कोर्ट की शरण
तिरंगा गेट के पास लगभग 1300 वर्ग गज जमीन थी, जिस पर बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन का कब्जा था। पुलिस अधिकारियों ने जमीन लेने के प्रयास शुरु किए तो एसोसिएशन ने कोर्ट की शरण ले ली। जमीन जिला पंचायत की थी। उसने एसोसिएशन से चले आ रहे कांट्रेक्ट के खत्म होने का दावा किया, जिसके बाद जमीन पर जिला पंचायत का कब्जा हो गया। जनवरी माह में जिला पंचायत ने पुलिस विभाग को एनओसी जारी कर दी। एडिशनल एसपी ने खाली कराई जमीन
कोर्ट में नाकामी हाथ लगने के बाद भी बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन यहां बराबर बनी थी। बुधवार को एडिशनल एसपी व सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी नौचंदी और मेडिकल थाने की फोर्स लेकर तिरंगा गेट पहुंचे और जमीन को कब्जामुक्त कराते हुए महकमे को कब्जा दिला दिया।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

Puri Khabar Yahan Padhein…

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *