हापुड़ में मुनि शुभ चंद्र सागर ने दिए प्रवचन:कहा- धर्म का मार्ग आत्मसंतोष और स्थायी सुख देता है
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हापुड़ में मुनि शुभ चंद्र सागर ने दिए प्रवचन:कहा- धर्म का मार्ग आत्मसंतोष और स्थायी सुख देता है
हापुड़ के श्री 1008 आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, कसेरठ बाजार में दिगम्बर जैन मुनि श्री 108 शुभ चंद्र सागर जी महाराज ने जैन भक्तों को प्रवचन दिए। उन्होंने जीवन में तप, संयम और साधना के मार्ग को अपनाने पर जोर दिया। मुनि श्री ने बताया कि जैन धर्म में 24 तीर्थंकर हुए हैं, जिन्होंने इन्हीं सिद्धांतों पर बल दिया। उन्होंने झारखंड स्थित सम्मेद शिखर जी को जैन धर्म का सबसे बड़ा तीर्थ बताया, जहां जैन तीर्थंकरों ने घोर तपस्या की। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जैन धर्म के 20 तीर्थंकरों ने सम्मेद शिखर जी से ही मोक्ष प्राप्त किया। मुनि शुभ चंद्र सागर ने आत्म कल्याण, मन की शांति, जीवन में संतोष और मोक्ष मार्ग पर अग्रसर होने के लिए गृहस्थों को तप, त्याग, दान, सेवा और संयम अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि धर्म का मार्ग ही मनुष्य को आत्मसंतोष, शांति और स्थायी सुख प्रदान करता है। मुनि श्री ने समझाया कि मनुष्य नासमझी के कारण भौतिक वस्तुओं में सुख खोजता है, लेकिन उसे अंततः दुख और असंतोष ही मिलता है। इसका कारण यह है कि भौतिक सुख-सुविधाओं में सच्चा सुख है ही नहीं। इस अवसर पर अभिषेक, शांतिधारा, आरती और गुरु भक्ति का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में जैन समाज के अध्यक्ष सुधीर जैन टपिया, महामंत्री अशोक जैन, सुखमाल जैन, नितिन जैन, अनिल जैन, चेयरमैन प्रदीप जैन, सुरेश चंद जैन, राजीव जैन, विकास जैन, गौरव जैन, अभिषेक जैन, तुषार जैन, मगन जैन, मंजू जैन, सीता जैन, सुषमा जैन सहित अनेक जैन भक्त उपस्थित रहे।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
