हापुड़ के एक गांव में एलपीजी गैस की कमी ने एक परिवार की खुशियों पर अचानक ब्रेक लगा दिया। शादी की सभी तैयारियां पूरी होने के बावजूद सिलेंडर न मिलने के कारण बेटी की शादी टालनी पड़ी। बाद में जिला प्रशासन के हस्तक्षेप से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए, तब जाकर नई तारीख तय हो सकी। मामला बदनौली गांव का है, जहां शिवानी की शादी 25 मार्च को तय थी। घर में बारात के स्वागत से लेकर खानपान तक की पूरी तैयारियां हो चुकी थीं। लेकिन ऐन वक्त पर हलवाई के लिए जरूरी गैस सिलेंडर नहीं मिल सके। रसोई का काम ठप हो गया, जिससे शादी की रस्में आगे बढ़ाना संभव नहीं रहा और परिवार को तारीख टालनी पड़ी। गांव-गांव भटके परिजन, फिर भी नहीं मिले सिलेंडर दुल्हन की मां बिमलेश ने बताया कि शादी के लिए छह गैस सिलेंडरों की जरूरत थी। परिजन कई दिनों तक गैस एजेंसियों के चक्कर काटते रहे और आसपास के गांवों में भी तलाश की, लेकिन कहीं भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो सके। इस वजह से हलवाई, बर्तन और अन्य तैयारियां अधर में लटक गईं। डीएसओ के दखल के बाद मिली राहत, नई तारीख 28 मार्च तय जब कोई रास्ता नहीं बचा तो परिजनों ने जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) से संपर्क किया। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सिलेंडर उपलब्ध कराए। इसके बाद परिवार ने शादी की नई तारीख 28 मार्च तय की। हालांकि, दुल्हन के भाई ने सार्वजनिक रूप से शादी टलने की वजह को निजी कारण बताया। प्रशासन बोला—कमी नहीं, जरूरत पर मिलेगी आपूर्ति जिला पूर्ति अधिकारी सीमा बालियान ने कहा कि शादी जैसे आयोजनों के लिए सिलेंडर की मांग को प्राथमिकता पर पूरा किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और जरूरतमंद लोग आवेदन के आधार पर सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि आवश्यक संसाधनों की कमी कैसे बड़े सामाजिक आयोजनों को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, प्रशासन की तत्परता से आखिरकार इस परिवार की खुशियां वापस लौट आईं।

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