हाथरस के विकास भवन में आज शाम जिला स्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय, विधायक अंजुला माहौर, विधायक प्रदीप कुमार, विधायक वीरेंद्र सिंह राणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य ग्राम्य विकास की संचालित योजनाओं की समीक्षा करना था। मुख्यमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि जिन पात्र व्यक्तियों के पास आवास नहीं हैं, उन्हें योजनाओं के तहत आवास उपलब्ध कराए जाएं। बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना के तहत वर्ष 2025-26 के लिए सामान्य श्रेणी के 14 और अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी के 11 लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। जनप्रतिनिधियों ने शासन स्तर से आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन लक्ष्यों में वृद्धि करने का सुझाव दिया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के स्थान पर वित्तीय वर्ष 2026-27 से ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी योजना’ संचालित होगी। योजना के तहत मजदूरों को 100 दिन के बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। इसमें जल सुरक्षा एवं संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन और जलवायु परिवर्तन से संबंधित कार्य शामिल होंगे। दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विभिन्न लक्ष्यों की पूर्ति की गई है। इसमें 970 के लक्ष्य के मुकाबले 972 स्वयं सहायता समूहों का गठन हुआ। रिवॉल्विंग फंड में 409 के लक्ष्य के सापेक्ष 384 की पूर्ति हुई, जबकि सीआईएफ में 540 के लक्ष्य के मुकाबले 741 की पूर्ति दर्ज की गई। सीसीएल में 1180 के सापेक्ष 1192 और लखपति दीदी योजना में 9554 के लक्ष्य के मुकाबले 9405 की पूर्ति हुई है। जीरो पावर्टी योजना के तहत 4667 के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा किया गया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के संबंध में सुझाव दिया कि सभी मार्गों को यातायात के लिए सुगम बनाया जाए। पेंशन योजनाओं-वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और दिव्यांग पेंशन- के तहत अवशेष लाभार्थियों को पात्रता के आधार पर लाभ दिलाने की बात कही। राष्ट्रीय पारिवारिक योजना के अंतर्गत सोना, कमलेश और जानकी को डीबीटी के माध्यम से प्रत्येक को तीस-तीस हजार रुपये के प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

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